Tuesday , October 24 2017
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इंजीनीयरिंग, एम बी ए , एम सी ए नए तलबा (स्टुडेंट्स) को इज़ाफ़ा फ़ीस से इस्तस्ना (छूट) का मुतालिबा

रियास्ती हुकूमत सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फ़ैसला की रोशनी (सन्दर्भ) में इंजीनीयरिंग एम बी ए और एम सी ए कॉलेजेस में नए दाख़िला लेने वाले तलबा (स्टुडेंट्स) पर इज़ाफ़ा फ़ीस का बोझ कम से कम करने के मुख़्तलिफ़ इमकानात का जायज़ा ले रहा

रियास्ती हुकूमत सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फ़ैसला की रोशनी (सन्दर्भ) में इंजीनीयरिंग एम बी ए और एम सी ए कॉलेजेस में नए दाख़िला लेने वाले तलबा (स्टुडेंट्स) पर इज़ाफ़ा फ़ीस का बोझ कम से कम करने के मुख़्तलिफ़ इमकानात का जायज़ा ले रहा है। इस वक़्त बी टेक कोर्स की सालाना फ़ीस 31 हज़ार रुपय है। अगर 40 फ़ीसद इज़ाफ़ा की तजवीज़ को मंज़ूरी दी गई तो नए दाख़िला लेने वाले तलबा (स्टुडेंट्स) को इस साल 68 हज़ार 200 रुपय अदा करने होंगे।

इस तजवीज़ की बी सी, ओ बी सी, एस सी और एस टी यूनियनों ने शिद्दत से मुख़ालिफ़त की। ए पी बी सी वेलफ़ेयर एसोसिएशन के सदर (अध्यक्ष) आर क्रिशनैया ने कहा कि हमारा मुतालिबा हुकूमत से ये है कि वो इस बात को यक़ीनी बनाए कि नए दाख़िला लेने वाले तलबा (स्टुडेंट्स) पर इज़ाफ़ा फ़ीस का बोझ ना पड़े। वज़ीर-ए-आला तालीम दामोदर राज नरसिम्हा ने तयाक्कुन (भरोसा) दिया कि हुकूमत इस मसला (समस्सया ) को जल्द हल करेगी।

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