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इंजीनीयरिंग तालीम के गिरते मयार पर चीफ़ मिनिस्टर का इज़हार-ए-अफ़सोस

हैदराबाद 06 अगस्त:चीफ़ मिनिस्टर तेलंगाना मिस्टर के चन्द्रशेखर राव‌ ने टेक्नीकल एजूकेशन के मयार पर अपने गहरे तास्सुफ़ का इज़हार करते हुए कहा कि इंजीनीयरिंग डिग्री कोर्सेस की तकमील करने के बावजूद मुनासिब मुलाज़िमतों के मवाक़े फ़राहम ना रहने की वजह से कई इंजीनीयरिंग ग्रेजूएटस होम गारडज़, सिक्योरिटी गारडज़ के अलावा रोज़गार तमानीयत प्रोग्राम के तहत मज़दूरी के काम अंजाम देने पर मजबूर हैं।

लिहाज़ा इस सूरत-ए-हाल से टेक्नीकल एजूकेशन के तरीका-ए-कार में मुनासिब तबदीली लाने की ज़रूरत पर चीफ़ मिनिस्टर ने ज़ोर दिया और कहा कि समाज को किन ख़िदमात की ज़रूरत है इसी के मुताबिक़ ख़िदमात अंजाम देने वालों को किस तरह तैयार किया जाना चाहीए, इस ताल्लुक़ से महिकमा तालीम को मालूमात रखने की ज़रूरत है।

आई टी आई जैसे इदारों को भी महिकमा तालीम के तहत ही चलाया जाना चाहीए। महिकमा तालीम की कारकर्दगी का जायज़ा लेते हुए चीफ़ मिनिस्टर के चन्द्रशेखर राव‌ ने मज़कूरा इज़हार-ए-ख़याल करते हुए कहा कि फ़िलवक़्त पाए जानेवाले डिग्री कोर्सेस को मुलाजिमतों के मवाक़े में इज़ाफ़ा करने में बेहतर बनाने के लिए इक़दामात किए जाने चाहीए।

चीफ़ मिनिस्टर ने कहा कि सरकारी-ओ-ख़ानगी शोबे मैं किस तरह की मुलाज़िमतों के मवाक़े पाए जाते हैं इस की निशानदेही की जानी चाहीए।चीफ़ मिनिस्टर ने कहा कि मुलाज़मतें मसाबिकती इमतेहानात सिर्फ़ पब्लिक सर्विस कमीशन के ज़रीये ही मुनाक़िद किए जानेवाले इमतेहानात होने से मुताल्लिक़ तालीम-ए-याफ़ता अफ़राद में ख़्याल पाया जाता है लेकिन तालीम-ए-याफ़ता अफ़राद में से इस ख़्याल को ख़त्म करवाते हुए मुल्क गीर सतह पर और आलमी सतह पर भी मसाबिकती इमतेहानात के ज़रीये आला मुलाज़िमतों के मवाक़े हासिल करने का ज़हन बनाने की ज़रूरत है।

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