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इंदिरा गांधी की यौम-ए-पैदाइश के मौक़े पर ख़िराज-ए-अक़ीदत

नई दिल्ली: सदर जम्हूरिया प्रण‌ब मुख़‌र्जी , नायब सदर हामिद अंसारी और कांग्रेस के सरकरदा क़ाइदीन ने आज साबिक़ वज़ीर-ए-आज़म इंदिरा गांधी की 98 वीं यौम-ए-पैदाइश के मौक़े पर उन्हें भरपूर ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया। कांग्रेस सदर सोनिया गांधी, नायब सदर राहुल गांधी और साबिक़ वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह उन लीडरों में शामिल थे जिन्होंने दरयाए यमुना के किनारे वाक़्य मैमोरियल शक्ति असथल पर गुलहाए अक़ीदत पेश किया।

वाज़िह रहे कि 31अक्टूबर 1984 को दो सिख मुहाफ़िज़ों की जानिब से इंदिरा गांधी को हलाक कर दिए जाने के बाद शक्ति असथल पर आख़िरी रसूमात अंजाम दी गई थीं। इस मौक़े पर दीगर कांग्रेस क़ाइदीन ऐम ऐस बटा, अशोक गीहलोट, मोती लाल वोरा मौजूद थे। अगर एन डी ए हुकूमत का कोई नुमाइंदा शक्ति स्थल पर हाज़िर नहीं हुआ लेकिन वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी ने अपने ट्विटर पर इंदिरा गांधी को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया है।

शक्ति स्थल पर इंदिरा गांधी की रिकार्ड करदा तक़ारीर के इक़तिबासात सुनाए गए और तिरंगे के गुब्बारे छोड़े गए जबकि दुआइया इजतिमा में भक्ती मौसीक़ी पेश की गई। वाज़िह रहे कि इंदिरागांधी 19नवंबर 1917-ए-को नहरू ख़ानदान में पैदा हुई थीं और उन्हें हिन्दुस्तान की पहली ख़ातून वज़ीर-ए-आज़म बनने का एज़ाज़ हासिल हुआ जिन्होंने 1966ता 1977और 1980-1984 बहैसीयत वज़ीर-ए-आज़म ख़िदमात अंजाम दी थीं।

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