Sunday , October 22 2017
Home / India / इंसिदाद इस्मत रेज़ि बिल, बकवास, ज़हनी माज़ूर यन की इख़तिरा

इंसिदाद इस्मत रेज़ि बिल, बकवास, ज़हनी माज़ूर यन की इख़तिरा

"नई दिल्ली। 15 मार्च (पी टी आई) इंसिदाद इस्मत रेज़ि बिल को समाजवादी पार्टी (एस पी) ने बकवास क़रार देते हुए कहा कि वो उस की सिफ़ारिशात की पार्लीमेंट और कुल जमाती इजलास में मुख़ालिफ़त करेगी। एस पी के लीडर राम गोपाल यादव ने अख़बारी नुमाइंदों से

“नई दिल्ली। 15 मार्च (पी टी आई) इंसिदाद इस्मत रेज़ि बिल को समाजवादी पार्टी (एस पी) ने बकवास क़रार देते हुए कहा कि वो उस की सिफ़ारिशात की पार्लीमेंट और कुल जमाती इजलास में मुख़ालिफ़त करेगी। एस पी के लीडर राम गोपाल यादव ने अख़बारी नुमाइंदों से कहा कि हम इस बिल की मुख़ालिफ़त कररहे हैं।

ये चंद ज़हनी तौर पर माज़ूर अफ़राद ने तैय्यार की है। उनसे इंसिदाद इस्मत रेज़ि क़ानून के बारे में दरयाफ़त किया गया था जिस को काबीना ने मंज़ूरी दी है और ये कहा गया है की अपनी मर्ज़ी से बाहमी इत्तिफ़ाक़ से किसी लड़के के साथ जिन्सी ताल्लुक़ात उस्तिवार करने केलिए लड़की की मुक़र्ररा हद उम्र 18 को घटा कर 16 साल की जाये।

राम गोपाल यादव ने ये वाज़िह किया कि 18 मार्च को तलब करदा कुल जमाती इजलास में इस बिल की मुख़ालिफ़त की जाएगी। इस बिल की पार्लीमेंट में बाआसानी मंज़ूरी को यक़ीनी बनाने केलिए हुकूमत ने ये इजलास तलब किया है। माने इस्मत रेज़ि आर्डीनैंस 4 अप्रैल को अपनी मुद्दत मुकम्मल करते हुए ख़त्म होजाएगा और हुकूमत चाहती हैकि मुख़्तसर तालीमात के बाद 22 मार्च से दुबारा शुरू होने वाले पारलीमानी बजट इजलास में ये बिल मंज़ूर करली जाये।

राम गोपाल यादव ने कहा कि अगर पार्लीमेंट में इस बिल पर वोटिंग होगी तो एस पी इस के ख़िलाफ़ वोट देगी। मर्कज़ी काबीना ने गुज़िशता रोज़ इस बिल को मंज़ूरी दी, जिस में इस्मत रेज़ि, ख़वातीन पर तीज़ाब‌ फेंकने, छेड़छाड़ वग़ैरा जैसे जराइम पर सख़्त सज़ा की गुंजाइश फ़राहम की गई है।

अलावा अज़ीं बाहमी इत्तिफ़ाक़ से जिन्सी अमल और जिन्सी ताल्लुक़ात उस्तिवार करने लड़की की मौजूदा हद उम्र 18 साल को घटा कर 16 साल मुक़र्रर करने की तजवीज़ भी है। वाज़िह रहे कि 16 डिसम्बर को दिल्ली में एक लड़की की इजतिमाई इस्मत रेज़ि के वाक़िये के तनाज़ुर में ये बिल बनाई गई है जिस में इस्मत रेज़ि के मुर्तक़िब मुजरिम केलिए कम से कम 20 साल सज़ाए क़ैद मुक़र्रर की गई है जिस को उम्र क़ैद या फिर सज़ाए मौत में भी तबदील की जा सकती है।

TOPPOPULARRECENT