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इजतिमाईयत, इस्लाम में एहमीयत की हामिल

जमात-ए-इस्लामी के ज़ेर-ए‍एहतेमाम जामा मस्जिद पंच ओटकोर में कल यवमी इजतिमा आम मुनाक़िद किया गया। इस इजतिमा आम में मेहमान मुक़र्रर जनाब मुहम्मद अहमद नाज़िम इलाक़ा जुनूबी तेलंगाना जमात-ए-इस्लामी, डाक्टर अबदुल मजीद प्रोफेसर रुकन इंजी

जमात-ए-इस्लामी के ज़ेर-ए‍एहतेमाम जामा मस्जिद पंच ओटकोर में कल यवमी इजतिमा आम मुनाक़िद किया गया। इस इजतिमा आम में मेहमान मुक़र्रर जनाब मुहम्मद अहमद नाज़िम इलाक़ा जुनूबी तेलंगाना जमात-ए-इस्लामी, डाक्टर अबदुल मजीद प्रोफेसर रुकन इंजीनीयरिंग कालेज हैदराबाद दो नाज़िम ज़िला नालगोंडा जमात-ए-इस्लामी, जनाब पाशा नाज़िम ज़िला रंगा रेड्डी, उसमान अबिद उल्लाह मुजाहिद सिद्दीक़ी नाज़िम ज़िला महबूबनगर, जनाब मुहम्मद शुजाअत अली नाज़िम ज़िला महबूबनगर (मग़रिब) ने मुंख़बा उनवानात पर तक़रीर की। इस्लाम में इजतिमाईयत की एहमीयत और जमात-ए-इस्लामी की फ़लाही और तालीमी ख़िदमात पर रोशनी डालते हुए जनाब मुहम्मद अहमद ने कहा कि अल्लाह के बंदों के लिए ज़रूरी है कि वो अल्लाह और इसके रसूल (स्०अ०व्०) की तालीमात पर अमल करें। अल्लाह की रस्सी को मज़बूती से थाम लेने का मतलब ये है कि अल्लाह ताला की किताब क़ुरआन मजीद और हदीस रसूल (स०अ०व्०) पर अमल पैरा ही। जो कोई इन दो चीज़ों पर अमल करेगा वो हमेशा के लिए कामयाब होगा।

इस्लाम में इजतिमाईयत की बड़ी एहमीयत हासिल है। जमात-ए-इस्लामी हिंद का मक़सद ऐन यही है कि इजतिमाईयत क़ायम हो। और जमात-ए-इस्लामी का मक़सद इक़ामत देना है। नाज़िम ज़िला रंगा रेड्डी जनाब ख़्वाजा पाशा ने कहा कि अल्लाह ने अपने बंदों की हिदायत के लिए बेशुमार अम्बिया ए इकराम को मबऊस फ़रमाया नबी ( स्०अ०व्०)ने अपनी आख़िरी सांस तक अल्लाह ताला की दावत और इसका पैग़ाम क़ौमों तक पहूँचा या। जनाब अबदुल मजीद नाज़िम ज़िला नालगोंडा ने जमात-ए-इस्लामी के फ़लाही ख़िदमात पर तफ़सीली रोशनी डाली। जनाब शुजाअत अली नाज़िम ज़िला महबूबनगर (मग़रिब) ने जमात-ए-इस्लामी हिंद की रिपोर्ट पेश की। जनाब मुजाहिद सिद्दीक़ी नाज़िम ज़िला ने सूरा अल-ए-इमरान का दरस क़ुरआन दिया।

बिरादर मुहम्मद जावेद ने तराना पेश किया। अमीर मुक़ामी ओटकोर मुहम्मद काज़िम हुसैन ने इजतिमा की कार्रवाई चलाए-ए-

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