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इन्सिदादॱएॱ तवहहुम परस्ती के लिए क़ानूनसाज़ी का अह्द

कर्नाटक के चीफ़ मिनिस्टर सदारामिया ने आज कहा किया कि उनकी हुकूमत इंसिदाद तवहहुम परस्ती बिल वज़ा करने के अह्द की पाबंद है। रामिया ने तक़रीब से ख़िताब में कहा कि तवहहुम परस्ती का ख़ातमा करना इंतेहाई ज़रूरी है क्योंकि मुफ़ाद-ए-हा सिला अनासिर को तवहहुम परस्ती के इस्तेहसाल का मौक़ा मिलेगा और वो तवहहुम परस्ती पर मबनी अक़ाइद को फ़रोग़ देने की मुम्किना कोशिश करेंगे।

सदा रामिया ने इस लानत के ख़िलाफ़ अवामी शऊर बेदार करने की ज़रूरत पर-ज़ोर देते हुए कहा कि तवहहुम परस्ती के अमल को रोकने से मुताल्लिक़ क़ानून वज़ा करने के ज़िमन में उनकी हुकूमत को सख़्त मुज़ाहमत का सामना करना पड़ा। रामिया ने कहा कि हमें मुफ़ादात हासिला अनासिर की मुख़ालिफ़त का सामना रहेगा और हम इसकेलिए तैयार हैं।

एक माक़ूलीयत पसंद रोशन ख़्याल मुसन्निफ़ ऐम ऐम कलबरगी के क़तल के फ़ौरी बाद मुसन्निफ़ीन के एक ग्रुप के अलावा ऐसे ही हालात में दीगर दो मक़्तूल मुसन्निफ़ीन नरेंद्र डॉ भूलकर और गोविंद पनसारे के अरकाने ख़ानदान ने चीफ़ मिनिस्टर पर-ज़ोर दिया था कि इंसिदाद तवहहुम परस्ती बिल की मंज़ूरी के लिए पेशरफ़त की जाये जो अपोज़ीशन की सख़्त मुख़ालिफ़त के सबब ज़ेर-ए-इलतिवा रखा गया था। बी जे पी एस बिल की मुख़ालिफ़त कर रही है और कहा है कि हुकूमत को हिन्दुओ के अक़ाइद में मदाख़िलत का कोई हक़ हासिल नहीं है।

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