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इलाकाई पॉलिसी पर उठे सवाल, सियासी पार्टियों ने की बदलने की मांग

रांची : रियाती हुकूमत की तरफ से बनाई गई मुकामी पोलिसी पर मुख्तलिफ दलों व अदारों ने कई सवाल उठाए हैं। सरकार को हिमायत दे रही आजसू पार्टी ने एक तरफ से इसे साहसिक कदम बताया है, तो दूसरी तरफ इसे असंतुलित बताते हुए कई सवाल भी खड़े किए। जबकि झामुमो ने इसके मुखालिफत में जिला हेड क्वार्टर पर मुजाहिरा किया।
झाविमो ने इसे आई वाश करार देते हुए इस पर आगे की पालिसी बनाने की बात कही है। सदान मोर्चा ने इसे गैर आदिवासी मुखालिफत फैसला बताया व बदलने की मांग की। आदिवासी जन परिषद ने आंध्र की तर्ज पर मुकामी व तक़र्रुरी पालिसी बनाने की मांग की है।

झामुमो के सदर हेमंत सोरेन ने गोड्डा में मीडिया से बात करते हुए कहा कि रियासती हुकूमत सरकार को तमाम ओपोजिशन पार्टियों से बात करके ही मुकामी पोलिसी को कैबिनेट से पास कराना चाहिए था। इस मुकामी पोलिसी के ज़रिये से बाहरी लोगों को फायदा पहुंचाने की मंशा है। जो लोग पहले से आकर यहां नौकरी कर रहे हैं अब उनके बच्चे भी मुकामी लोगों का हक मारेंगे।
आदिवासी जनपरिषद ने पालिसी बदलने की मांग की है। एक प्रेस मीट में परिषद के लीडरों ने कहा कि आंध्रप्रदेश की तर्ज पर अनुच्छेद 371 की बुनियाद पर मुकामी व तक़र्रुरी पालिसी बनाई जाए। जिसमें रियासत के बेरोजगारों को नौकरी मिले।

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