Friday , October 20 2017
Home / India / इलायची ( Cardamom) ख़ुशबू और ज़ायक़ा की हामिल

इलायची ( Cardamom) ख़ुशबू और ज़ायक़ा की हामिल

मुंबई, ‍१४ नवंबर (एजेंसी) जब हम सेहत की बात करते हैं तो बात सिर्फ़ फ़ायदेमंद अशीया के खाने पीने तक महिदूद नहीं होना चाहीए बल्कि हमेशा खाते रहना भी सेहत मंदी की अलामत नहीं। अलबत्ता खानों में इस्तेमाल की जाने वाली बाअज़ अशीया को अगर यू

मुंबई, ‍१४ नवंबर (एजेंसी) जब हम सेहत की बात करते हैं तो बात सिर्फ़ फ़ायदेमंद अशीया के खाने पीने तक महिदूद नहीं होना चाहीए बल्कि हमेशा खाते रहना भी सेहत मंदी की अलामत नहीं। अलबत्ता खानों में इस्तेमाल की जाने वाली बाअज़ अशीया को अगर यूं भी इस्तेमाल किया जाए तो वो फ़ायदेमंद होती हैं जैसे इलायची मुग़लई खानों की तैयारी में इलायची का इस्तेमाल किया जाता है जो ख़ुशबू के इलावा ज़ायक़ा में भी इज़ाफ़ा करती है ।

इलायची को पान में भी इस्तेमाल किया जाता है जिस से पान का मज़ा दोबाला हो जाता है लेकिन इलायची हमारे लिए सेहतमंदि या ग़ैर मुज़िर रसां हो सकती है ? इस में भी विटामिंस की बड़ी मिक़दार पाई जाती है । अगर लोगों को मुँह से बदबू आने की शिकायत रहती है जिस के लिए डॉक्टर्स हमेशा एक या दो इलायचियों के इस्तेमाल का मश्वरा देते हैं ।

याद रहे कि इलायची का ज़ाइद इस्तेमाल मुँह में छालों और ज़बान को ज़ायक़ा की हिस से महरूम भी कर सकता है (वक़्ती तौर पर) लिहाज़ा इस के ज़ाइद इस्तेमाल से भी परहेज़ करना चाहीए । इलायची कोई बहुत ज़्यादा ज़ायक़ादार शए नहीं होती कि लोग उस को मज़े लेकर खाएं लेकिन हसब ज़रूरत इसका इस्तेमाल हमारे हाज़मा के लिए भी दुरुस्त साबित होता है ।

सर्दीयों में चाय का इस्तेमाल करने वाले अदरक के इलावा इलायची की चाय से भी लुत्फ़ अंदोज़ होते हैं । शर्बत बनाने में भी इलायची का इस्तेमाल किया जाता है यानी बात चाहे खाने की हो या मशरूबात की इलायची का अपना एक मुनफ़रद मुक़ाम है ।

TOPPOPULARRECENT