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इलाहाबाद: उर्दू विभाग की छात्राओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा: प्रोफेसर शबनम हमीद

इलाहाबाद: उर्दू की उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनके शैक्षिक गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग ने नई परियोजना बनाने का फैसला किया है।

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हाल ही में उर्दू विभाग अध्यक्षता के लिए नियुक्त होने वाली प्रोफेसर शबनम हमीद ने छात्राओं में पाई जाने वाली क्षमताओं को उजागर करने और उन्हें नये अवसर प्रदान करने के लिए अपने संकल्प का इज़हार किया है।

न्यूज़ नेटवर्क समूह न्यूज़ 18 के अनुसार अइलाहाबाद विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग देश का सबसे पुराना उर्दू विभाग है. इलाहबाद विश्वविद्यालय से ही देश में उर्दू की उच्च शिक्षा की शुरूआत हुई थी। मुस्लिम महिलाओं के लिए काम करने वाली प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता प्रोफेसर शबनम हमीद को उर्दू विभाग की अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। प्रोफेसर शबनम हमीद ने उच्च शिक्षा में उर्दू के गिरते स्तर को ऊंचा करने की योजना को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग की उल्लेखनीय बात यह भी है कि एमए में छात्राओं की संख्या छात्रों से कहीं अधिक है। प्रोफेसर शबनम हमीद ने उन छात्राओं के लिए विशेष योजना बनाई है। प्रोफेसर शबनम हमीद का कहना है कि छात्राओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनके अंदर छिपे क्षमता को निखारने के लिए क्षेत्र में विशेष लैब बनाए जाएंगे। इसके लिए राष्ट्रीय उर्दू परिषद से भी मदद ली जाएगी।

गौरतलब है कि प्रोफेसर ओस हमीद महिलाओं के लिए काम करने वाली कई सामाजिक संगठनों से भी जुडी हैं। विशेष रूप से मुस्लिम महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के कई समकक्षों को वह सफलतापूर्वक चला चुकी हैं। अब विभाग उर्दू की जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने विभाग से जुड़े मुस्लिम छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम शुरू किया है। उम्मीद की जा सकती है कि प्रोफेसर शबनम हमीद के कार्यकाल में विभाग की छात्राओं को बेहतरीन अवसर प्रदान किए जाएंगे।

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