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इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनें काबिल-ए-एतिमाद नहीं : सुब्रामणयम स्वामी

नई दिल्ली, १४ सितंबर ( पी टी आई) सुप्रीम कोर्ट ने आज जनता पार्टी सरबराह सुब्रामणयम स्वामी की इस दरख़ास्त पर तर्जीहाती तौर पर समाअत ( सुनवायी) का फ़ैसला किया है जहां मिस्टर स्वामी इस बात के ख़ाहां हैं कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों में

नई दिल्ली, १४ सितंबर ( पी टी आई) सुप्रीम कोर्ट ने आज जनता पार्टी सरबराह सुब्रामणयम स्वामी की इस दरख़ास्त पर तर्जीहाती तौर पर समाअत ( सुनवायी) का फ़ैसला किया है जहां मिस्टर स्वामी इस बात के ख़ाहां हैं कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों में प्रिंट आउट का मुतबादिल भी मुतआरिफ़ किया जाय या फिर बैलेट पेपर्स के ज़रीया वोटिंग के पुराने तरीक़े को अपनाया जाय क्योंकि हालिया दिनों में ये बात सामने आ चुकी है कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों से भी छेड़छाड़ मुम्किन है ।

दरीं असना ( फिर भी) जस्टिस पी स़्था सीवम (justice p sathasivam) और रंजन गोगोई पर मुश्तमिल एक बंच ने कहा कि हम इस अर्ज़ा दाशत ( देख रेख) पर तरजीही बुनियादी पर समाअत करेंगे ताकि आइन्दा पारलीमानी इंतिख़ाबात तक उसकी तकमील हो जाए और यही वजह है कि इस मुआमला को तर्जीह देने की ।

समाअत की आइन्दा तारीख़ 27 सितंबर मुक़र्रर की गई है ।क़ब्लअज़ीं मिस्टर स्वामी की दाख़िल करदा अर्ज़ा दाश्त पर अदालत ने ज़ाइद अज़ एक घंटा समाअत की । यहां इस बात का तज़किरा ज़रूरी है कि समाअत के दौरान मिस्टर स्वामी अदालत में शख़्सी तौर पर हाज़िर थे ।

उन का इसरार (हठ/ जिद्द थी) था कि इंतख़ाबी अमल के लिए काग़ज़ी बैलेट के तरीक़ा को दुबारा नाफ़िज़ किया जाय क्योंकि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों के ज़रीया भी बेईमानी की जा रही है और बोग्स वोटिंग के अंदेशे बढ़ते जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि जापान जैसा तरक़्क़ी याफ़ता मुल्क जिस ने इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन मुतआरिफ़ (परिचय) करवाने में अहम रोल अदा किया था वो भी अब काग़ज़ी बैलेट का इस्तेमाल कर रहा है जिस से ये ज़ाहिर हो जाता है कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनें अब बिलकुल महफ़ूज़ नहीं हैं । दुनिया भर में चुनिंदा ख़ानगी कंपनीयां ही इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनें तैयार करती हैं जिन्हें किसी भी वक़्त हैक किया जा सकता है ।

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