Tuesday , August 22 2017
Home / Ahmedabad / इशरत मामला लापता कागजात ‘किसी को शामिल करने समिति के गठन से इनकार

इशरत मामला लापता कागजात ‘किसी को शामिल करने समिति के गठन से इनकार

अहमदाबाद: इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर की लापता फ़ाइल्स के बारे में पूछताछ करने समिति का गठन किसी व्यक्ति को जबरन इसमें शामिल करने के लिए नहीं किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार पर ऐसा करने का आरोप अन्याय है। राजनाथ सिंह ने इस खबर पर प्रतिक्रिया करने से इनकार कर दिया कि खोजी अधिकारी अतिरिक्त सचिव बी प्रसाद ने अहम गवाहों में से किसी एक को बयान देने के बारे में निर्देश दिए थे।

हालांकि इस सवाल पर कि सरकार आगामी रणनीति क्या होगा जब कि समिति अपनी रिपोर्ट पेश कर देगी। राजनाथ सिंह ने कहा कि रिपोर्ट की सामग्री की समीक्षा के बाद ही कोई सिद्धांत स्थापित किया जा सकता है। कैराना से हिंदुओं भाड़े स्थान के बारे में प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर घटनाओं के बारे में सूचनाएं सही हैं तो उत्तर प्रदेश सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। वह इस विवाद के बारे में पहली बार प्रतिक्रिया कर रहे थे।

एक भाजपा सांसद ने आरोप झयदिया है कि कई हिंदू परिवार यूपी के क्षेत्र कैराना से नकल स्थान करने पर अल्पसंख्यक समुदाय के उत्पीड़न के कारण मजबूर हो गए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा संसदीय बोर्ड इस संबंध में अंतिम फैसला करेगा कि यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में किसी पेश किया जाए।

उन्होंने कहा कि समय आने पर संसदीय बोर्ड इस बारे में चर्चा करेंगे और नवीनतम स्थिति के अनुसार निर्णय करेगा। इशरत जहां केस के दस्तावेज अब तक लापता हैं जबकि तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम के दौर से ही यह कागजात लापता बताए जाते हैं। हालांकि जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में चिदंबरम या समय की यूपीए सरकार का कोई जिक्र नहीं किया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कैराना की घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इन घटनाओं को सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। साथ ही साथ स्थिति हमेशा समान नहीं रहनी चाहिए।

ऐसे हालात पैदा नहीं होना चाहिए कि लोग अपने देश से तख़लिया करके किसी अन्य स्थान पर ले जाएं। उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी सूचना मिली हैं हालांकि इन रिपोर्टों की अब तक पुष्टि नहीं हो सकी है। भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने हाल ही में जारी किए गए 346 परिवारों की सूची के अनुसार आरोप लगाया था कि उन्हें कस्बे से बचने के लिए मजबूर कर दिया गया क्योंकि कस्बे की 85 प्रतिशत आबादी मुसलमानों परम शतमल हैं। इस कस्बे में 2013 में सांप्रदायिक दंगे हुए थे।

उन्होंने यूपी के मुख्यमंत्री के भाजपा उम्मीदवार के बारे में कहा कि वर्तमान में संसदीय बोर्ड में इस बारे में कोई चर्चा या निर्णय नहीं हुआ है। स्थिति के अनुसार पार्टी फैसला करेगी। इस अटकलें गर्म थी कि पार्टी पूर्व मुख्यमंत्री यूपी राजनाथ को मुख्यमंत्री पद का भाजपा उम्मीदवार बनाकर पेश करना चाहती है लेकिन उन्होंने राज्य राजनीति में वापस होने की संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा था कि पार्टी में मुख्यमंत्री के पद के योग्य कई नेताओं रहे हैं उनकी व्यक्तिगत राय खोजने पर राजनाथ सिंह ने कहा कि वे अपना दृष्टिकोण भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में ही प्रकट होता है।

TOPPOPULARRECENT