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इसराईली फ़ौजीयों की नाशें वापिस ना करने पर हमास का सफ़ाया

इसराईल ने धमकी दी है कि ग़ज़ा में जारी जंग बंदी का वक़्त ख़त्म होजाए और तौसीअ की कोशिशें नाकाम साबित हो तो वो हमास का सफ़ाया करदेगा। दूसरी तरफ़ 72 घंटों की जंग बंदी को जारी रखने के सिलसिले में किसी तरह की पेशरफ़त ना होसकी क्योंकि इसराईल और

इसराईल ने धमकी दी है कि ग़ज़ा में जारी जंग बंदी का वक़्त ख़त्म होजाए और तौसीअ की कोशिशें नाकाम साबित हो तो वो हमास का सफ़ाया करदेगा। दूसरी तरफ़ 72 घंटों की जंग बंदी को जारी रखने के सिलसिले में किसी तरह की पेशरफ़त ना होसकी क्योंकि इसराईल और फ़लस्तीनी मुज़ाकरात कारों के माबैन कई अहम उमूर पर इत्तेफ़ाक़ नहीं होसका। वज़ीर-ए‍-ख़ारिजा इसराईल आवे गीडोर लिबरमैन ने कहा कि इसराईल बिलवासता जंग का मुतहम्मिल नहीं होसकता।

अगर जारीया जंग बंदी नाकाम होजाए तो फिर इसराईल को पहल करनी पड़ेगी। यानी इसका साफ़ मतलब ये है कि लड़ाई में इज़ाफ़ा होगा और हम कम से कम वक़्त में इस कहानी को ख़त्म करदेंगे। वज़ीर-ए-ख़ारजा ने इस बात पर भी ज़ोर दिया हीका इसराईल को ग़ज़ा में अपना ऑप्रेशन उस वक़्त तक ख़त्म नहीं करना चाहिए जब तक महलूक सिपाहीयों की नाशें वापिस नहीं मिल जाती। अगर दूसरी तरफ़ के दहशतगर्द हमारी बात को समझने से क़ासिर हो तो उन्हें ये समझ लेना चाहिए कि जवाब में मुहम्मद ताइफ, (इसमईल) हुनिया और ग़ज़ा पुतली में हम्मास क़ियादत की नाशें उन्हें हासिल होंगी।

उन्हों ने कहा कि वो और उन के साथी इसी तरह की क़रारदाद या लायेहा-ए-अमल को इसराईली सिपाहीयों की नाशें वापिस होने तक क़बूल नहीं करेंगे। लाइबरमीन ने ग़ज़ा जंग की अक़वाम-ए-मुत्तहिदा तहक़ीक़ात के सिलसिला में किसी तरह के तआवुन का इमकान भी मुस्तरद कर दिया।

कैनेडा के बैन-उल-अक़वामी माहिर-ए-क़ानून विलियम शेबाज़ जो इसराईल पर नुक्ता चीनी के लिए शौहरत रखते हैं वो अक़वाम-ए-मुत्तहिदा इंसानी हुक़ूक़ काउंसल की तहक़ीक़ात के सरबराह होंगे जो मग़रिबी किनारा, मशरिक़ी यरूशलम और ग़ज़ा में गुज़िशता दो माह के दौरान इसराईली कार्यवाईयों की तहक़ीक़ात कररही है।

इसराईली सफ़ीर बराए अक़वाम-ए-मुत्तहिदा रूण परोज़र ने आज कहा कि विलियम शबाज़ की अक़वाम-ए-मुत्तहिदा ग़ज़ा तहक़ीक़ात की क़ियादत इसी तरह है जैसे आई एस आई ऐस मज़हबी रवादारी का प्रोग्राम मुनाक़िद कररही है। विज़ारत-ए‍-ख़ारिजा इसराईल ने कहा कि पैनल के सरबराह की हैसियत से विलियम शेबाज़ का तक़र्रुर ये साबित करता है कि इसराईल को इंसाफ़ की कोई तवक़्क़ो नहीं है।

विज़ारत-ए‍-ख़ारिजा ने कहा कि ये रिपोर्ट पहले ही तहरीर की जा चुकी है और अब सिर्फ़ दस्तख़त किए जाने हैं। परोज़र ने आर्मी रेडियो को एक इंटरव्यू में पैनल के क़ानूनी जवाज़ के बारे में शुबहात का इज़हार किया था। इस दौरान ग़ज़ा में 72 घंटे की जंग बंदी आज निस्फ़ शब को ख़त्म होरही है और अब तक भी फ़रीक़ैन के दरमियान अहम उमूर पर इत्तेफ़ाक़ राय नहीं हो सका।

इसराईल और ग़ज़ा के दरमयान सरहदी क्रासिंग को खोलने के मसले पर कलीदी इख़तेलाफ़ पाया जाता है। इस बात का ताय्युन नहीं होरहा है कि इस क्रासिंग की निगरानी किस तरह होगी और ग़ज़ा में किस तरह के साज़-ओ-सामान ले जाने की इजाज़त दी जाएगी|

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