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इसराईली सिफ़ारतकार पर हमला , चार ईरानियों के ख़िलाफ़ रेड कॉर्नर नोटिस

इसराईल के एक सिफ़ारती ओहदेदार पर गुज़श्ता माह नई दिल्ली में हुए बम हमला में मतलूब 4 ईरानियों के ख़िलाफ़ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दी है। इंटरपोल के मुताबिक़ होशंग अफ़्शार ईरानी, सय्यद अली मेंह्दी सदर , मुहम्मद रज़ा अबू अलक़ा सिमी

इसराईल के एक सिफ़ारती ओहदेदार पर गुज़श्ता माह नई दिल्ली में हुए बम हमला में मतलूब 4 ईरानियों के ख़िलाफ़ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दी है। इंटरपोल के मुताबिक़ होशंग अफ़्शार ईरानी, सय्यद अली मेंह्दी सदर , मुहम्मद रज़ा अबू अलक़ा सिमी और मसऊद सदाक़त ज़ादे के ख़िलाफ़ ये नोटिसें जारी की गई हैं। मसऊद सदाक़त ज़ादे को सी बी आई की दरख़ास्त पर कुवाला लुमपुर एयर पोर्ट पर मलेशियाई पुलिस ने गिरफ़्तार किया था।

ज़राए ने कहा है कि दिल्ली पुलिस की दरख़ास्त पर सी बी आई ने इंटरपोल से उन ईरानियों के ख़िलाफ़ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की सिफ़ारिश की थी क्योंकि बावर किया जाता है कि इसराईली सिफ़ारत कार पर हुए बम हमला में ये ईरानी अफ़राद मुश्तबा तौर पर मुलव्वस हैं। इंटरपोल नोटिस को गिरफ़्तारी के बैन-उल-अक़वामी वारंट की हैसियत हासिल है और इस के ज़रीया किसी भी मतलूब शख़्स को गिरफ़्तार किया जा सकता है। दिल्ली पुलिस के कमिशनर बी के गुप्ता ने दावा किया है कि इन ईरानी शहरीयों ने क़ब्लअज़ीं हिंदूस्तानी सहीफ़ा निगार सय्यद अहमद काज़मी की मदद से इसराईली सिफ़ारत ख़ाना पर खु़फ़ीया नज़र रखी थी। काज़मी को 6 मार्च को गिरफ़्तार किया जा चुका है।

पुलिस ने दावा किया है कि ये ईरानी टोली जिसने 13 फरवरी को औरंगज़ेब रोड पर एक इसराईली कार पर मक़नातीसी बम हमला में इसराईली सिफ़ारती ओहदेदार को ज़ख़मी कर दिया था , गुज़श्ता साल मई के दौरान ऐसा हमला करने का मंसूबा बनाया था और इस पर अमल आवरी के लिए इस साल जनवरी और फरवरी के दौरान इस के अरकान दुबारा यहां पहूंचे थे। तहक़ीक़ात कुनुन्दगान ने ये दावा भी किया है कि मसऊद सबग़त ज़ादे की गिरफ़्तारी के बाद काज़मी का पता चलाया गया था। मसऊद सबग़त ज़ादे को थाईलैंड के शहर बैंकाक में हुए धमाका की ज़िम्मेदार टोली का सरग़ना समझा जाता है और वो मलेशिया में गिरफ़्तार किया गया था।

पुलिस ज़राए के मुताबिक़ सबग़त ज़ादे ईरानी पुलिस और तकनीकी जासूस टीम से रब्त में था और बावर किया जाता है कि काज़मी के भी इन से रवाबित थे। इसराईली सिफ़ारती ओहदेदार ताल अयहोश्वा 13 फरवरी सिफ़ारत ख़ाना की कार में सफ़र कर रहे थे कि मक़नातीसी बम हमला में ज़ख़मी हो गए थे। दीगर 4 ज़ख़मीयों में इन का हिंदूस्तानी ड्राईवर भी शामिल है। काज़मी और उन के अरकान ख़ानदान ने किसी इसराईली सिफ़ारत कार पर हमला के इल्ज़ाम को मुस्तर्द कर दिया है।

इनके ख़ानदानी ज़राए ने कहा है कि वो एक सहीफ़ा निगार हैं और उन सरगर्मीयों से कभी कोई ताल्लुक़ नहीं रहा है। इस दौरान काज़मी बदस्तूर पुलिस तहवील में हैं और उनसे पूछगिछ जारी है। गिरफ़्तार शूदा काज़मी क़ब्लअज़ीं ईरान के चंद अख़बारात और नशरियाती इदारों के लिए ख़बर रसानी किया करते थे। पुलिस ने ये दावा भी किया है कि गिरफ़्तारी के बाद उनके बैंक खातों की तन्क़ीह से बैरूनी फंड्स की मौजूदगी का इन्किशाफ़ हुआ है। काज़मी के इलावा उनकी बीवी के खातों की तलाशी भी ली गई है लेकिन उन के ख़ानदानी ज़राए ने कहा है कि ये उजरत के तौर पर वसूल होने वाली रक़म है। उन्हें किसी भी ज़राए से कोई फ़ंड मौसूल नहीं हुआ था।

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