Monday , August 21 2017
Home / India / इज़रायल आंतकी देश है,इज़रायल के राष्ट्रपति रुवेन रिवलिन का दौरा रद्द किया जाये-जमियते-उलेमा

इज़रायल आंतकी देश है,इज़रायल के राष्ट्रपति रुवेन रिवलिन का दौरा रद्द किया जाये-जमियते-उलेमा

नई दिल्ली। इज़रायली राष्ट्रपति के भारत के दौरे का विरोध बढ़ता ही जा रहा है। कई मुस्लिम संगठन इज़रायल के राष्ट्रपति रुवेन रिवलिन भारत दौरे का खुलकर विरोध कर रहे हैं। शुक्रवार(18 नवंबर) दिल्ली में जमियते-उलेमा की बैनर तले जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ताओं में तौर पर शबनम हाश्मी,डॉ जफरुल इस्लाम खान और मौलाना उस्मानपुरी थे।

बीते 60 साल से इज़रायल के द्नारा फिलिस्तीनी जनता पर बर्बरता किसी छिपी नहीं है। भारत की जनता गांधी जी के उसूलों पर चलने वाली है। लेकिन मौजूदा मोदी सरकार उन उसूलों को दरकिनार कर ऐसे देश से संबध बढ़ाने को आतूर है जो इंसानियत का दुश्मन है, जिसने फिलिस्तीन के लोगों के साथ नाइंसाफी की है। इजरायल जैसे आंतकी देश के साथ भारत हर आर्थिक, राजनैतिक और अन्य सभी तरह के रिश्तों को खत्म करने की मांग की गई।
इस प्रदर्शन में एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें कहा गया कि हिंदुस्तान के अमन पसंद लोग हमेशा फिलिस्तीन के साथ खड़ी है। हम भारत के सभी वर्ग भारत में इसराइल के राष्ट्रपति रुवेन रिव्लिन की यात्रा का विरोध करते हैं।

फ़िलस्तीन पर बेंजामिन नेतान्याहू की तानाशाही सरकार ने ज़ुल्म की इंतेहा कर दी है, ऐसे में भारत अगर रिविन का स्वागत करता है तो यह भारत के फ़िलस्तीन और फ़िलस्तिनियों के लिए अपने पुराने के स्टैंड के विरुद्ध है।

सरकार के दिए संयुक्त ज्ञापन में माँग की कि भारत के संयुक्त राष्ट्र संघ में स्थाई प्रतिनिधि के माध्यम से भारत को रिविन के बायकॉट और स्वतंत्र फ़िलस्तीन की माँग को दोहराना चाहिए।

मौलाना उस्मानपुरी ने कहा फिलिस्तीन के नागरिकों से उनके हक़ छीने जा रहे हैं, रोजाना निर्दोष फिलिस्तीनी लोगों का कत्लेआम किया जा रहा है, लेकिन फिर भी संयुक्त राष्ट्र चुप बैठा है। आज के दिन संयुक्त राष्ट्र जैसे संगठन भी कुछ चंद मुल्कों की कठपुतली बन कर रह गए हैं। उन्होंने कहा की फिलिस्तीन के लोगों को उनका हक़ मिलना
चाहियें और दुनिया की सभी संघर्षशील ताकतों को फिलिस्तीन का साथ देना चाहिए।
फ़िलस्तीन के झंडे से पट गया जंतर मंतर
तंज़ीम के साथ प्र्दर्शन में शरीक़ मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इंडिया यानी एमएसओ के समर्थकों ने जब फ़िलस्तीन के समर्थन के साथ फ़िलस्तीन के झंडे लहराए, पूरा जंतर मंतर पर सिर्फ़ फ़िलस्तीन ही नज़र आ रहा था। युवा जहाँ  रिविन की भारत यात्रा के ख़िलाफ़ थे, वहीं दूसरी तरफ़ वह स्वतंत्र फ़िलस्तीन राष्ट्र की माँग को दोहरा रहे थे।

TOPPOPULARRECENT