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इस्मतदारी और कातिलों को ओपन जेल में जगह नहीं

इस्मतरेज़ि और कत्ल के मामले में सजा पा चुके मुजरिमों को ओपन जेल में जगह नहीं मिलेगी। ओपन जेल के बहाली कैंप में रखे गये कैदियों की एक पंचायत भी होगी। बहाली कैंप में गलत रवैये करनेवाले कैदियों को छोटी-छोटी सजा देने का हक़ कैदी पंचायत क

इस्मतरेज़ि और कत्ल के मामले में सजा पा चुके मुजरिमों को ओपन जेल में जगह नहीं मिलेगी। ओपन जेल के बहाली कैंप में रखे गये कैदियों की एक पंचायत भी होगी। बहाली कैंप में गलत रवैये करनेवाले कैदियों को छोटी-छोटी सजा देने का हक़ कैदी पंचायत को होगा।

ये पंचायतें कैदियों की सहूलत में कटौती के अलावा 200 रुपये तक का जुर्माना लगा सकेंगी। रियासत हुकूमत ने ओपन जेल शरीक बहाली कैंप के लिए तैयार नियम में इसका बंदोबस किया है। हुकूमत की तरफ से तैयार नियम के तहत ओपेन जेल में झारखंड रिहायशी सजायाफ्ता कैदियों को ही रखा जायेगा। ओपेन जेल के बहाली कैंप में वैसे मुजरिमों को नहीं रखा जायेगा, जिन्हें अदालत ने धमाके, नारकोटिक्स ड्रग प्रिवेंशन एक्ट या क़ौमी तहफ्फुज एक्ट के तहत सजा सुनायी गयी हो। कोर्ट मार्शल से सजा पानेवालों और साबिक़ मुल्ज़िम कत्ल आम के मामले में सजा पानेवाले मुजरिमों को भी बहाली कैंप में नहीं रखा जायेगा।

कत्ल, इस्मतदारी, डकैती, रंगदारी यरगमाल और दहशतगर्द सरगरमियों में शामिल, छह साल से कम सजा पानेवालों और जेल से भागने या भागने की कोशिश करनेवालों को भी ओपन जेल में नहीं रखा जायेगा। हुकूमत की तरफ से तैयार नियम के तहत ओपेन जेल के बहाली कैंप में रखने के लिए सिर्फ उन्हीं कैदियों के नाम पर गौर किया जायेगा जिन्होंने कुल सजा में से आधी सजा जेल में काट ली हो।

उम्र क़ैद की सजा भुगत रहे कैदियों को 10 साल की सजा काट लेने और सजा देनेवाले अदालत की राय के बाद ही बहाली कैंप में रखने पर गौर किया जायेगा। हुकूमत की सरेंडर पॉलिसी के तहत सरेंडर करनेवाले नक्सली कैदियों को बहाली कैंप में रखा जायेगा। जेल सुप्रीटेंडेंट की सदारत में तशकील कमेटी, बहाली कैंप में रखने के लिए सजायाफ्ता कैदियों के नाम पर गौर करेगी। इन नामों पर दाख्ला महकमा की मंजूरी के बाद उन्हें बहाली कैंप में रखा जायेगा।

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