Wednesday , October 18 2017
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इस्लामाबाद में सरकार के खिलाफ प्रोटेस्ट मार्च

पाकिस्तान में क़ौमी असेम्बली को तहलील‌ (भंग) करने की मांग को लेकर लाहौर से इस्लामाबाद तक का लॉन्ग मार्च शुरू हो गया है. पूरे पाकिस्तान की फ़ोन लांइस‌ जाम हो गई हैं और लाखों लोग इस तहरीक का हिस्सा बन रहे हैं.

पाकिस्तान में क़ौमी असेम्बली को तहलील‌ (भंग) करने की मांग को लेकर लाहौर से इस्लामाबाद तक का लॉन्ग मार्च शुरू हो गया है. पूरे पाकिस्तान की फ़ोन लांइस‌ जाम हो गई हैं और लाखों लोग इस तहरीक का हिस्सा बन रहे हैं.

हज़ारों की तादाद में लोगों का हुजूम सड़कों पर् उमड‌ पड़ा है. मुल्क में पड़ रही कड़ाके की सर्दी की परवाह किए बगै़र हर जगह से लोगों में दार-उल-हकूमत पहुंचने की दौड़ लगी है.

आम इंतेख़ाबात से क़बल मुल्क में इंतेख़ाबी इस्लाहात के लिए मार्च का ये एहतिमाम मौलवी ताहिर उल कादरी की तंज़ीम ने किया है. ताहिर उल कादरी की तंज़ीम के गुज़िश्ता माह लाहौर में एक जलसे में दस लाख से ज़्यादा लोगों की भीड़ उमड़ी थी. कादरी का मार्च शुरू हो चुका है और पाँच हज़ार से ज़ाइद कार, बस, ट्रक और दीगर गाड़ियां उनके पीछे ईस्लामाबाद के लिए रवाना हो चुके हैं.

मार्च शुरू होने से पहले उन्होंने अपनी रिहायश गाह पर नामा निगारों से कहा कि सुबाई हुकूमत ने उनके मार्च को देखते हुए सरहदें सेल कर दी हैं और हुकूमत ने मार्च के रास्ते में तेज़ाब और पैट्रोल से भरे टैंकर खड़े किए हैं.

कादरी ने अपनी तंज़ीम के इस मार्च को जमहूरी मार्च क़रार दिया है और कहा कि हुकूमत को उनका रास्ता नहीं रोकना चाहिए.
तक़रीबन एक माह पहले तक कैनेडा में पुरसुकून ज़िंदगी गुज़ार‌ कर आये कादरी के बारे में कोई नहीं जानता था लेकिन उनकी तंज़ीम की अपील पर मुल्क में मची खलबली के बाद वो एहमियत से उभर कर सामने आए हैं और उनके एक इशारे पर अवाम सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हो रहे है.

वो तक़रीबन तीन हफ़्ते पहले लौटे हैं और उन्होंने मुल्क में होने वाले इंतेख़ाबात से पहले इंतेख़ाबी इस्लाहात का एलान किया है. उन्होंने दावा किया है कि उनकी इस रैली में 40 लाख से ज़्यादा लोग शामिल होंगे. उनकी तंज़ीम की रैली को पाकिस्तान के कई सख़्तगीर तंज़ीमों ने हिमायत की है.

कादरी का कहना है कि वो अब उस वक़्त वहां से लोटेंगे, जब मुल्क की हुकूमत बदल जाएगी. इस कारकर्दगी के आर्गेनाईज़र ईस्लामाबाद में मिस्र के तहरीर चौक की तरह मुसलसल मुज़ाहरा करना चाहते हैं. मिस्र में ऐसे ही कारकर्दगी की वजह से हुकूमत बदल गई थी

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