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इस्लामिक गोल्डन एज के चमकते सितारे मुस्लिम साइंटिस्ट इब्न-अल-बन्ना

क्रेटर अल-मररउकुशी

अस्सलाम-ओ-अलैकुम, सिआसत हिंदी में हम आज बात करने जा रहे हैं एक ऐसे साइंटिस्ट की जो इस्लामिक गोल्डन एज का सितारा था और आज जिसके नाम पे एक क्रेटर है.

इब्न-अल-बन्ना अल मररउकुशी अल अज़दी जिन्हें इब्न-अल-बन्ना के नाम से जाना जाता है, मोरक्को के मैथमटीशियन थे. उनका जन्म 29 दिसंबर,सन 1256 में मर्राकेच में हुआ था हालांकि एक मत के अनुसार वो ग्रेनेडा,स्पेन में पैदा हुए और अपनी पढ़ाई के लिए उत्तरी अफ़्रीक़ा आ गए थे.

इब्न अल बन्ना ने कई साल फ़ेज़ शहर में गुज़ारे और वहाँ पढ़ाया भी. उन्होंने ज्योमेट्री और फ्रैक्शनल नंबर जैसी चीज़ें उसके बाद उस पर जो अध्ययन उन्होंने किये वो क़ाबिल-ए-तारीफ़ रहे हैं. इस्लामिक गोल्डन एज के चमकते सितारे इब्न अल-बन्ना अल मररउकुशी के नाम पर क्रेटर अल-मररउकुशी उन्हीं का नाम पर रखा गया है. अपने समय में उन्होंने फ़ेज़ की यूनिवर्सिटी में गणित, ज्योमेट्री, अलजेब्रा,और एस्ट्रोनॉमी पढ़ाई, जिन स्टूडेंट्स ने उनसे तालीम ली उन्होंने आगे बहुत नाम कमाया.

उनकी किताब तलख़ीस अमल अल हिसाब आज भी मशहूर किताबों की फ़ेहरिस्त में शुमार की जाती है, उनके बेहतरीन कामों में से एक अस्र की नमाज़ की टाइमिंग का हिसाब करना भी था, इसके इलावा मुसलमानी क़ानून के मुताबिक़ जायदाद में सही बंटवारे के लिए उन्होंने काम किया और समझाया, इसके इलावा कैनाल-इरीगेशन की कैलकुलेशन भी की और एक तरीक़ा निर्धारित किया.

तक़रीबन 1321 में उनका इंतिक़ाल हो गया.

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