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इस देश में फ़िर कभी मत पैदा होना मुकुल : शहीद एसपी के नाम साथी अफ़सर की मार्मिक चिठ्ठी

मथुरा हिंसा में शहीद एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के साथ काम कर चुके पुलिस अफसर शशि शेखर सिंह ने उनके नाम एक बेहद मार्मिक चिट्ठी लिखी है। श्रद्धांजलि के रूप में फेसबुक पर लिखी गई यह चिट्ठी वायरल हो गई है। इस चिट्ठी में शशि शेखर अंत में अपने मृतक दोस्त मुकुल से आग्रह करते हैं कि इस देश में फिर कभी मत पैदा होना।

पढ़िए उनकी पूरी चिट्ठी…

आदरणीय मुकुल द्विवेदी मेरे बहुत अच्छे मित्र और सहकर्मी थे। मुकुल और मैं अलीगढ़ में 2007 में हुए दंगे में साथ-साथ ड्यूटी कर रहे थे। तब भी कई गोलियां चली थीं लेकिन हम दोनों सुरक्षित रहे। ऑफिसर कॉलोनी में मुकुल और मेरा आवास एक साझा चारदीवारी से जुड़ा हुआ था। तब वो सीओ सिटी फर्स्ट थे और मैं सीओ अतरौली। रात को अक्सर हम दोनों एक साथ ही 2.00 बजे भोर में ड्यूटी से वापस आते, पहले ठहाके लगाते फिर सोने जाते। मुकुल एक निहायत ही शरीफ, मृदुभाषी, संवेदनशील और भावुक इंसान थे।

मुकुल ने अपने जीवन का सबसे बहुमूल्य समय अपने मासूम बच्चों और पत्नी को नहीं बल्कि पुलिस और समाज को दिया है। मैं गवाह हूँ उनकी हाड़तोड़ मेहनत और प्रतिबद्धता का। मुकुल शेरो-शायरी के भी शौक़ीन थे। आम आदमी तो प्यार में शायर बनता है लेकिन हिन्दू मुस्लिम दृष्टिकोण से साम्प्रदयिक शहरों में नियुक्ति से पुलिस वाले शायर बन जाते है। मुकुल दोनों प्रकार से बने हुए शायर थे।

मुकुल आज हमारे बीच नहीं है। पुलिस की नियति अपने ही लोगो द्वारा मारे जाने की है। पुलिस की मौत पर जश्न मनाने वालों खुश रहो। हम यूँ ही मुकुल बनकर मरते रहेंगे। मुकुल किसी आतंकवादी या डकैतों से लड़ता हुआ मारा जाता तो हमें गर्व और दुःख होता लेकिन आज शर्म और दुःख है।

विदा मुकुल, अब कभी मत मिलना। और आखिरी बात इस देश में फिर कभी पैदा मत होना।

-शशि शेखर सिंह

साभार : myzavia.com

 

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