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इक़तिदार के मराकिज़ का अलग होना ज़रूरी – दिग्विजय सिंह

नई दिल्ली 22 अप्रैल ( पी टी आई ) अपनी पार्टी की जानिब से वज़ीर-ए-आज़म और सदर कांग्रेस के इख़्तयारात अलहदा अलहदा तौर पर मुक़र्रर करने के उनके नज़रियात मुस्तरद कर दिए जाने की परवाह किए बगै़र दिग्विजय सिंह ने कहा कि किसी ना किसी मरहले पर

नई दिल्ली 22 अप्रैल ( पी टी आई ) अपनी पार्टी की जानिब से वज़ीर-ए-आज़म और सदर कांग्रेस के इख़्तयारात अलहदा अलहदा तौर पर मुक़र्रर करने के उनके नज़रियात मुस्तरद कर दिए जाने की परवाह किए बगै़र दिग्विजय सिंह ने कहा कि किसी ना किसी मरहले पर इक़तिदार के मराकिज़ (सता के केंद्र ) का अलग होना ज़रूरी है

उन्होंने कहा कि आम तास्सुर ये है कि मौजूदा निज़ाम दरहक़ीक़त मददगार साबित नहीं हुआ है ताहम उन्होंने इस मसले पर तफ़सीलात में जाने से गुरेज़ किया कि आइन्दा वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह होंगे या राहुल गांधी या कोई और । उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बारे में जो सवाल पूछा गया है वो इस बात पर मुनहसिर है कि क्या अवाम उनके वज़ीर-ए-आज़म बनने की ताईद में राय देंगे ताहम बेहतर यही होगा कि किसी ना किसी मरहले पर मराकिज़ इक़तिदार की अलहदगी अमल में आए ।

उन्होंने कहा कि यही बेहतर होगा बेशक सोनीया गांधी कभी हकूमत-ए-हिन्द की कारकर्दगी में दख़ल अंदाज़ी नहीं करती । अवाम चाहे कुछ भी कहते रहे लेकिन ये हक़ीक़त बरक़रार है की आम तास्सुर यही पाया जाता है ।वो सी एन एन आई बी एन के डेविल्स ऐडवोकेट प्रोग्राम में करण थापर से बातचीत कररहे थे ।

डिग वजय‌ सिंह ने हाल ही में ये कहते हुए कि दो मराकिज़ इक़तिदार का नज़रिया बेहतर अंदाज़ में कारआमद साबित नहीं हुआ और ये तजवीज़ पेश करते हुए कहा कि राहुल गांधी को वज़ीर-ए-आज़म नहीं बनाया जाना चाहीए जब तक कि आइन्दा लोक सभा इंतेख़ाबात में कांग्रेस को अपने बलबूते पर अक्सरीयत हासिल ना होजाए ,एक तनाज़ा खड़ा कर दिया था ।

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