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ईद-ए-मिलाद पर शराब पर पाबंदी से इंकार , क्लब 10.30 PM to 5 AM के दरम्यान बेच सकते हैं शराब

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मुंबई : ईद-ए-मिलाद के साथ क्रिसमस और नये साल शराब पर पाबन्दी पूरी तरह से इनकार करते हुए मंगल के रोज़ महाराष्ट्र हुकूमत ने शराब की दुकानों को ईद-ए-मिलाद पर देर रात तक खुले रहने की इजाज़त दे दी है| कांग्रेस और AIMIM ने इल्ज़ाम लगाया है की महराष्ट्र हुकूमत ने मुसलमानों के जज़्बात को नज़र अंदाज़ किया है |

इस्टेट होम डिपार्टमेंट की तरफ से जारी एक सर्कुलर के मुताबिक़ शराब ,बीयर ,देसी शराब और दीगर शराब बेचने वाली दुकानें ,बीयर बार , 24 दिसंबर (ईद-ए-मिलाद), 25 दिसंबर (क्रिसमस) और 31 दिसंबर (नए साल से पहले की शाम )को देर रात तक खुले रहेंगें |

सर्कुलर में विदेशी शराब की दुकानों के साथ रिटेल शॉप तीनों दिन, रात 10.30 PM to 1 AM तक परमिट रूम, रेस्टोरेंट और बार (पुलिस कमिश्नर इलाक़ों को छोड़कर ) 11 PM to 5 AM तक, खुली रखने की इजाज़त दी गयी है|

पुलिस कमिश्नर इलाक़े में बीयर और शराब की दुकानों को तीनो दिन 10.30 PM and 1 AM तक , होटल, रेस्तरां, कैंटीन और क्लबों को 10.30 PM and 5 AM तक , देशी शराब की दुकानें C-क्लास म्युनिसिपल काउंसिल और ज़िला परिषद इलाकों (कैन्ट इलाक़ों को छोड़कर) में 10 PM to 1 AM तक इसके अलावा दीगर इलाक़ों में 11.59 PM to 1 AM, तक खुली रखने की इजाज़त दी गयी है |

हालांकि, इस कदम की मुखालफत करते हुए कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने दावा किया कि, इस बात से यह साबित होता है कि यह हुकुमत मुसलमानों के मुतालबात पर ध्यान नहीं दे रही है | उन्होंने इल्ज़ाम लगाया कि, “इस बात से आसानी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है की ये हुकूमत मुसलमानों के मुतालबात पर ध्यान नहीं दे रही है और इनको आर एस एस के नज़रिये के मुताबिक़ दोयम दर्जे के शहरी महसूस कराने के लिए ऐसा कर रही है” |

AIMIM MLA इम्तियाज जलील ने कहा कि, शराब बिक्री पर पाबंदी लगाने का मुतालबे का मेमोरेंडम, मुसलमानों के जज़्बात के लिए हुकुमत का रवैया जांचने के लिए था | “इस दरख्वास्त का मक़सद ये देखना था कि हुकूमत हमारे जज़्बात की कितनी क़द्र करती है और इसे कितनी अहमियत देती है ? उन्होंने कहा कि, अगर वो ‘पर्यूषण’ के दौरान गोश्त पर पाबन्दी लगा कर जैनियों के जज़्बात का एहतराम करती है तो उसे हमारी दरख्वास्त पर भी ध्यान देना होगा,शराब एक समाजी बुराई है”| उन्होंने मजीद कहा कि, ये हुकूमत आर एस एस के नज़रिये के मुताबिक़ काम कर रही है, हमें नहीं मालूम की हमें इनसे क्या उम्मीद रखनी चाहिए” |

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