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ईरानी अवाम को अमरीका या इसराईल से जंग के अंदेशे

तेहरान 14 दिसमबर (एजैंसीज़) इसराईल की जानिब से ईरान की न्यूक्लीयर तंसीबात पर हमलों के बार बार इंतिबाह का सामना करने वाले ईरानी ओहदेदारों का जवाब हमेशा तक़रीबन एक जैसा होता है। वो पूरी दिलेरी और जुर्रात का मुज़ाहरा करते हुए जंग के

तेहरान 14 दिसमबर (एजैंसीज़) इसराईल की जानिब से ईरान की न्यूक्लीयर तंसीबात पर हमलों के बार बार इंतिबाह का सामना करने वाले ईरानी ओहदेदारों का जवाब हमेशा तक़रीबन एक जैसा होता है। वो पूरी दिलेरी और जुर्रात का मुज़ाहरा करते हुए जंग के अनदेशों की तरदीद करते हैं। ईरान के शीया मुस्लिम मज़हबी क़ाइदीन जिन्हें ईरान में हक़ीक़ी इक़तिदार हासिल है, ईरान की मुसल्लह अफ़्वाज की ताक़त की बातें करते हैं और फ़ौजी कमांडरस का दावा है केअगर इसराईल का एक भी बम सरज़मीन ईरान से टकराए तो जवाब में इसराईल पर देढ़ लाख मीज़ाईल बरसाए जाऐंगे।

आम ईरानी शहरीयों में जंग के अंदेशों की बिना पर फ़िक्रमंदी पाई जाती है क्योंकि वो जंग को एक आफ़त समझते हैं। ज़ेर-ए-ज़मीन रास्तों, सड़कों और ख़ानगी इजतिमाआत में ईरानी शहरी जंग के इमकानातके बारे में तबादला-ए-ख़्याल कररहे हैं ताकि जंग की सूरत में अपने अरकान ख़ानदान की हिफ़ाज़त का इंतिज़ाम करसकें।

कशीदगी में इज़ाफ़ा के साथ साथ कई ईरानी शहरीयों ने एहतियाती इक़दामात का आग़ाज़ करदिया है। बाअज़ शहरी बुनियादी अश्या-ए-ज़रुरीया की ज़ख़ीरा अंदोजी कररहे हैं। बाअज़ शहरी अपनी रक़म के मुआवज़ा मैं बैरूनी करंसी ख़रीद रहे हैं और बैरून-ए-मुल्क रवानगी के लिए वीज़ा हासिल कररहे हैं। दार-उल-हकूमत तहरान की तरह ईरान के दीगर शहरों में भी अपनी हिफ़ाज़त के इक़दामात किए जा रहे हैं।

30 साल से ज़्यादा अर्सा से जारी ग़ैरमुल्की दबाव के बाद ईरानी शहरीयों ने मुतबादिल रास्ते तलाश करने की ख़ाहिश पैदा होगई है। ख़ौफ़ के तहत अवाम ग़िज़ाई अशीया और दीगर अश्या-ए-ज़रुरीया का ज़ख़ीरा कररहे हैं जबकि ईरानी क़ाइदीन का कहना है केइन का न्यूक्लीयर प्रोग्राम मुकम्मल तौर पर पुरअमन है, लेकिन मग़रिबी ममालिक इल्ज़ाम आइद करते हैं कि ईरान न्यूक्लीयर हथियार तैय्यार कररहा है।

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