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ईरान को न्यूक्लीयर हथियार नहीं सरमायाकार चाहिए

तेल और गैस के खजाने पर बैठे होने के बावजूद पाई-पाई को तरस रहे ईरान ने एक बार फिर दोहराया है कि उसे न्यूक्लीयर हथियार नहीं सरमायाकार (Investors) चाहिए हैं। आलमी इक्तॆसादी (World Economic) फोरम की बैठक में ईरान के सदर हसन रूहानी ने कहा कि तेहरान के दरव

तेल और गैस के खजाने पर बैठे होने के बावजूद पाई-पाई को तरस रहे ईरान ने एक बार फिर दोहराया है कि उसे न्यूक्लीयर हथियार नहीं सरमायाकार (Investors) चाहिए हैं। आलमी इक्तॆसादी (World Economic) फोरम की बैठक में ईरान के सदर हसन रूहानी ने कहा कि तेहरान के दरवाजे दुनियाभर के सरमायाकारों के लिए खुले हैं। हम मगरिबी ममालिक समेत पूरी दुनिया से अपने रिश्ते मामूल करना चाहते हैं।

ईरान और आलमी ताकतो के बीच तेहरान के मुतनाज़ा न्यूक्लीयर पर हुए इब्तेदायी समझौते के बाद यह पहला आलमी मंच है, जहां रूहानी पहुंचे। ईरान के एतेदाल पसंद सदर ने कहा कि ग्लोबल तावानाई सेक्युरिटी (Energy Security) को बढ़ावा देने के लिए उनकी हुकुमत पूरी मदद करेगी।

ईरान कभी न्यूक्लीयर बम नहीं बनाना चाहता था। मुस्तकबिल के लिए भी हम ऐसी कोई चाहत नहीं रखते। हालांकि, तावानई सेक्टर में न्यूक्लीयर तकनीक के इस्तेमाल की चाहत हम नहीं छोड़ेंगे। हम चाहते हैं कि मगरिबी कंपनियां ईरान आकर सरमायाकारी करें।

ओपेक मेम्बर ईरान ने न्यूक्लीयर समझौते पर अमल इसी हफ्ते शुरू किया था। अगर यह अमल बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ती रही तो पाबंदियों से जूझ रही ईरानी इक्तेसादी निज़ाम को काफी राहत मिल जाएगी। रूहानी ने कहा कि हम अपने सभी पड़ोसी ममालिक के साथ बेहतर रिश्ते बनाएंगे।

दावोस की बैठक में हिस्सा लेने आए ममालिक से उन्होंने अपील की कि वह ईरान आकर सरमायाकारों के इम्कान को तलाशें। सीरिया मामले पर उन्होंने कहा कि वहां सबसे बेहतर आप्शन आज़ाद और मुंसिफाना इंतेखाबात है। हम सीरिया की आवाम की मदद कर रहे हैं और आगे भी करेंगे।

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