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ईरान दाइश से बड़ा ख़तरा – नितिनयाहू

इसराईल के इंतिहापसंद वज़ीरे आज़म बिनियामीन नितिनयाहू ने कहा है कि जौहरी हथियारों से लैस ईरान दुनिया के लिए दौलत इस्लामी इराक़ वो शाम (दाइश) से भी बड़ा ख़तरा होगा। उन्हों ने अक़वामे मुत्तहिदा की जेनरल असेंबली के सालाना इजलास में तक़र

इसराईल के इंतिहापसंद वज़ीरे आज़म बिनियामीन नितिनयाहू ने कहा है कि जौहरी हथियारों से लैस ईरान दुनिया के लिए दौलत इस्लामी इराक़ वो शाम (दाइश) से भी बड़ा ख़तरा होगा। उन्हों ने अक़वामे मुत्तहिदा की जेनरल असेंबली के सालाना इजलास में तक़रीर के दौरान ईरान के ख़िलाफ़ ये वावेला किया है।

उन्हों ने कहा कि दाइश को शिकस्त दी जानी चाहिए और इस में कोई ग़लती नहीं होनी चाहिए लेकिन दाइश को शिकस्त से दो-चार करना और ईरान को जौहरी क़ुव्वत बनने के लिए छोड़ देना ऐसे ही है कि झड़प तो जीत ली जाए मगर जंग हार दी जाए।

उन्हों ने कहा कि ईरान की जौहरी फ़ौजी सलाहीयतों का ख़ातमा किया जाना चाहिए। उन का कहना था कि ईरान की मग़रिब के साथ हालिया जज़्ब वो जारहीयत पर मबनी मुआमला कारी दरअसल बैनुल अक़वामी पाबंदीयों के ख़ातमे के लिए थी और इस के जौहरी बम तैयार करने की राह में हाइल रुकावटें अब दूर हो गई हैं।

इस पर 20 जनवरी से अमल दरआमद किया जा रहा है और उस की इबतिदाई मुद्दत 20 जुलाई को ख़त्म हो गई थी। फ़रीक़ैन के दरमयान मुजव्वज़ा मुआहिदे पर इत्तिफ़ाक़े राय नहीं हुआ था जिस के बाद उबूरी समझौते की मुद्दत में मज़ीद छः माह की तौसीअ करदी गई थी।

अब उस की मुद्दत 20 नवंबर को ख़त्म होगी। उबूरी समझौते के तहत ईरान ने यूरेनियम की अफ़्ज़ूदगी की तमाम सरगर्मीयों को महदूद कर दिया है और इस के बदले में इस पर आयद इक़्तिसादी पाबंदीयों में बतदरीज नरमी की गई है। अब ईरान आलमी ताक़तों के साथ मुस्तक़िल जौहरी मुआहिदे के लिए मुज़ाकरात कर रहा है।

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