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ईरान बशर अल असद को इक़तिदार ( शासन) से हटा दे: सुन्नी आलम दीन

दुबई, 16 दिसंबर: ( एजेंसी) शामी सदर बशर अल असद को ईरानी हिमायत के ख़िलाफ़ मुल्क के अंदर भी सदाए एहतिजाज बुलंद होने लगी है। इस एहतिजाज में सबसे बुलंद आहंग ईरान के सरकरदा सुन्नी आलम दीन मौलाना अबदुल हमीद का बशार अल असद को इक़तिदार ( शासन) से

दुबई, 16 दिसंबर: ( एजेंसी) शामी सदर बशर अल असद को ईरानी हिमायत के ख़िलाफ़ मुल्क के अंदर भी सदाए एहतिजाज बुलंद होने लगी है। इस एहतिजाज में सबसे बुलंद आहंग ईरान के सरकरदा सुन्नी आलम दीन मौलाना अबदुल हमीद का बशार अल असद को इक़तिदार ( शासन) से हटाने का मुतालिबा है।

उन्हों ने सूबा सीसतान बलोचिस्तान के शहर ज़ाहिद उनकी जामा मस्जिद में ख़िताब करते हुए तेहरान हुकूमत पर ज़ोर दिया कि वो शाम में बेगुनाह लोगों के किश्त-ओ-ख़ून का सिलसिला बंद कराने के लिए सदर असद को इक़तिदार से हटाने के लिए मुदाख़िलत करे।

मौलाना अबदुल मजीद ने कहा कि शाम में ख़ानाजंगी के बाइस निहत्ते शहरी जिनमें बच्चे और ख़वातीन भी शामिल हैं लुकमा-ए-अजल बन रहे हैं।

ईरान अख़लाक़ी तौर पर पाबंद है कि वो शाम में क़ियाम अमन के लिए ठोस इक़दामात करे। आलमी और इस्लामी सतह पर ऐसा करना तेहरान की गिरती साख बचाने के लिए ज़रूरी है।मौलाना अबदुल हमीद का कहना था कि मैं अपनी हुकूमत को ये मुख़लिसाना मश्वरा दे रहा हूँ कि वो शाम में मुदाख़िलत करे और बशर अल असद को इक़तिदार से हटा दे।

शामी बाग़ीयों के साथ ताल्लुक़ात उस्तिवार करे क्योंकि अब शाम का बेशतर इलाक़ा बाग़ीयों के क़बज़े में आ चुका है। आलमी बिरादरी शामी अपोज़ीशन इत्तिहाद को मुल्क की नुमाइंदा क़ुव्वत के तौर पर तस्लीम कर रही है।

यहां तक कि रूस जैसे शाम नवाज़ मुल्क ने भी ये तस्लीम कर लिया है कि बशर अल असद की इक़तिदार से अलाहैदगी नविश्ता दीवार बन चुकी है। इन तमाम हालात को सामने रखते हुए में भी इस्लामी जमहूरीया ईरान के मुक़तदिर लोगों से भी अपील करूंगा कि वो शाम के बारे में अपनी पालिसी पर नज़र-ए-सानी करें।

तेहरान को भी ये यक़ीन कर लेना चाहिए कि बशर अल असद के दिन गिने जा चुके हैं। उन्हें जल्द अज़ जल्द इक़तिदार से हटाने और शाम को ख़ूँरेज़ी से निकालने के लिए हमारी हुकूमत को फ़ौरी मुदाख़िलत करनी चाहिए। ईरानी आलम ए दीन ने अपनी हुकूमत की असद नवाज़ पालिसीयों को कड़ी तन्क़ीद का भी निशाना बनाया।

उन्होंने कहा कि तेहरान, बशर अल असद को बचाने की कोशिश करके आलमी और इस्लामी सतह पर अपनी साख को भी नुक़्सान पहुंचा रहा है।

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