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उरी हमले में शहीद जवान की विधवा का बिहार सरकार को जवाब, हमें भीख नहीं चाहिए

Indian Army Gard of Honor the Bodies of two soldiers killed at Uri to arrive Netaji Subash Chandra Bose International Air Port in Kolkata, India on 19 September 2016. A village in Jagatballavpur area of West Bengals Howrah district and another one in remote Sagar islands of Sunderbans archipelago have been waiting since Sunday for the mortal remains of two of the 17 martyred in the Uri attack in Kashmir. The bodies will be kept at the Army Command hospital morgue in Kolkata during the night and the very next morning they will be taken to Howrah and Sagar respectively, where their final rights will be performed with State honours. The flight will arrive in Kolkata after offloading the bodies of two jawans at Ranchi Sepoy Jarva Munda from District Khuti in Jharkhand and Niaman Kujur from Chainpur in Jharkhand also killed at Uri on Sunday. (Photo by Debajyoti Chakraborty/NurPhoto via Getty Images)

पटना: उड़ी आतंकवादी हमले में शहीद हुए सैनिकों को जहां नम आंखों के साथ अलविदा किया जा रहा है, वहीं शहीदों के परिजनों में सरकारों के खिलाफ गुस्सा भी नजर आ रहा है। आतंकवादियों के हमले में शहीद अशोक सिंह की पत्नी ने मुआवजा लेकर बिहार सरकार से नाराजगी जताई है।

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शहीद की विधवा संगीता ने कहा कि बिहार सरकार भिखारी है, हम उनकी भीख नहीं चाहिए। अन्य राज्यों में सरकार जहां 10 लाख और 20 लाख दे रही हैं, वहीं बिहार सरकार 5 लाख रुपये दे रही है, मेरे पति दारू पीकर थोड़े ही मरे हैं, देश के लिए शहीद हुए हैं।
गौरतलब है कि उड़ी हमले में बिहार, महाराष्ट्र और झारखंड सहित कई राज्यों के जवान शहीद हुए हैं। राज्य सरकारों ने शहीदों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है। बिहार सरकार ने 5 लाख रुपये देने की बात कही है, जो शहीद अशोक सिंह के परिजनों को नागवार गुजर रही है।
भोजपुर जिले में अशोक सिंह की शहादत के बाद परिवार और गांव में मातम छाया हुआ है। शहीद अशोक सिंह का पूरा परिवार सदमे में है। शहीद के पिता को अब तक अपने बेटे को खो देने का विश्वास नहीं हो पा रहा है।

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