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उर्दू एकेडेमी का स्टाफ़ तनख़्वाहों में सालाना इज़ाफ़ा से महरूम

हैदराबाद १४ फरवरी (सियासत न्यूज़) आंधरा प्रदेश रियासत उर्दू एकेडेमी की हक़ीक़ी सूरत-ए-हाल से आगही हासिल करने के बाद इस बात का अंदाज़ा होगा कि रियासत में उर्दू कोफ़रोग़ देने के लिए क़ायम किए गए इदारा की हालत क्या हो चुकी हैं।

हैदराबाद १४ फरवरी (सियासत न्यूज़) आंधरा प्रदेश रियासत उर्दू एकेडेमी की हक़ीक़ी सूरत-ए-हाल से आगही हासिल करने के बाद इस बात का अंदाज़ा होगा कि रियासत में उर्दू कोफ़रोग़ देने के लिए क़ायम किए गए इदारा की हालत क्या हो चुकी हैं।

आंधरा प्रदेश उर्दू एकेडेमी के सदर दफ़्तर वाक़्य हज हाइज़ में ख़िदमात अंजाम देने वाले तक़रीबन 30 मुलाज़मीन गुज़श्ता माह की तनख़्वाह से आज तक भी महरूम हैं जबकि फरवरी के 13 दिन गुज़र चुके हैं। उर्दू एकेडेमी के डायरैक्टर सैक्रेटरी के ओहदे पर मुस्तक़िल ओहदेदार के अदम तक़र्रुर के सबब उर्दू एकेडेमी की कारकर्दगी 90 फ़ीसद तक मफ़लूज हो चुकी ही। 10फ़ीसद में सिर्फ उर्दू एकेडेमी के सदर दफ़्तर में मुलाज़मीन की आमद-ओ-रफ़त दरख़ास्त गुज़ारों के चक्क्र काटने के इलावा हाज़िरी रजिस्टर में दस्तख़त करना बाक़ी रह गया ही।

जबकि 90 फ़ीसद ख़िदमात पूरी तरह से ख़तन हो चुकी हैं। बावसूक़ ज़राए से मौसूला इत्तिलाआत के बमूजब तनख़्वाहों में सालाना इज़ाफ़ा की फाईल पर डायरैक्टर सैक्रेटरी उर्दू एकेडेमी जनाब रज़ी उद्दीन शाकिर ने दस्तख़त करने से इनकार करदिया है जिस के सबब मुलाज़मीन तनख़्वाहें हासिल करने में आर महसूस कर रहॆ हैं। बताया जाता है कि गुज़श्ता 20 बरसों से मुलाज़मीन को सालाना इज़ाफे़ के मुताल्लिक़ किसी किस्म की कोई शिकायत नहीं रही ही।

लेकिन इस बार साल 2012-ए-के आग़ाज़ पर जब तनख़्वाह में इज़ाफ़ा की फाईल तैय्यार की गई तो इस पर डायरैक्टर सैक्रेटरी ने दस्तख़त करने से इनकार करदिया ही। एकेडेमी के मुलाज़मीन का ये एहसास है कि उर्दू एकेडेमी में मुस्तक़िल डायरैक्टर सैक्रेटरी के अदम तक़र्रुर के सबब ये सूरत-ए-हाल पैदा हो रही हॆ। आंधरा प्रदेश रियास्ती उर्दू एकेडेमी के आला ओहदेदार के मुताल्लिक़ गुज़श्ता तक़रीबन 5 बरसों से ये अलमीयारहा है कि इस ओहदे पर किसी मुस्तक़िल ओहदेदार का तक़र्रुर अमल में नहीं आया।

महिकमा अक़ल्लीयती बहबूद ने उर्दू एकेडेमी को ग़ैर अहम इदारा तसव्वुर करते हुए इस पर सिर्फ इज़ाफ़ी ख़िदमात की ज़िम्मेदारी इद करते हुए दीगर ओहदेदारों से काम चलाने की कोशिश करता रहा हॆ। आंधरा प्रदेश उर्दू एकेडेमी के डायरैक्टर सैक्रेटरी के ओहदे पर अगरमुस्तक़िल ओहदेदार का तक़र्रुर अमल में आता है तो ऐसी सूरत में उर्दू एकेडेमी की कारकर्दगी में बेहतरी पैदा की जा सकती ही। गुज़श्ता माह रियास्ती वज़ीर-ए-क़लीयतीबहबूद जनाब मुहम्मद अहमद अल्लाह ने उर्दू मीडियम से ताल्लुक़ रखने वाले तलबा को ऑनलाइन स्कालरशिप्स‌ फ़ार्म दाख़िल करने से इस्तिस्ना दिलवाते हुए उर्दू एकेडेमी के ज़रीया दरख़ास्त फॉर्म्स की इशाअत और उर्दू मीडियम तलबा में तक़सीम की हिदायत जारी की थी।

लेकिन ताहाल मुताल्लिक़ा वज़ीर की हिदायत पर मूसिर अमल आवरी नहीं हुई हैं। जिस के सबब उर्दू मीडियम तलबा दरख़ास्तों के इदख़ाल से अब भी महरूम हैं। आंधरा प्रदेश उर्दू एकेडेमी की कारकर्दगी को बेहतर बनाने के बजाय ओहदेदारों की जानिब से इख़तियार करदा रवैय्या रियासत में उर्दू के फ़रोग़ के बजाय उर्दू के ज़वाल का सबब बन रहा ही। महिकमा अक़ल्लीयती बहबूद अगर फ़ौरी तौर पर आंधरा प्रदेश उर्दू एकेडेमी की कारकर्दगी में बेहतरी पैदा करने के लिए मुसबत इक़दामात नहीं करता है तो ऐसी सूरत में उर्दू एकेडेमी का निज़ाम बिलकुल्लिया तौर पर दिरहम ब्रहम होने का ख़दशा ही।

रियास्ती उर्दू एकेडेमी के सदर दफ़्तर में डायरैक्टर सैक्रेटरी की अदमे मौजूदगी से उर्दू एकेडेमी को नुमाइंदगी के लिए पहुंचने वालों को भी मायूसी का सामना करना पड़ता ही। मौजूदा डायरैक्टर सैक्रेटरी जनाबरज़ी उद्दीन शाकिर को मुस्तक़बिल सैक्रेटरी के तौर पर तक़र्रुर किया गया था लेकिन जब उन्हें महिकमा जी ए डी जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमैंट में तक़र्रुर मिला तो उन्हों ने उसेइज़ाफ़ी ज़िम्मेदारी के तौर पर क़बूल कर लिया और मुस्तक़िल जी ए डी के लिए ख़िदमात अंजाम देनी शुरू कर दें। जनाब रज़ी उद्दीन शाकिर से क़बल जनाब फ़हीम साबरी को हुकूमत ने डायरैक्टर सैक्रेटरी उर्दू एकेडेमी की इज़ाफ़ी ज़िम्मेदारी हवाले की थी जो मुस्तक़िल तौर पर रियास्ती इलैक्शन कमीशन में बरसर-ए-कार हैं।

इन से क़बल जनाब फ़ाइक़ अहमद जो कि काफ़ी अर्सा तक डायरैक्टर सैक्रेटरी उर्दू एकेडेमी के ओहदे पर फ़ाइज़ रहे ने भी महिकमा इमकना में ख़िदमात अंजाम देते हुए एकेडेमी की ज़ाइद ज़िम्मेदारियां सँभाली थीं। इस तरह कई बरसों से उर्दू एकेडेमी एक मुस्तक़िल ओहदेदार से भी महरूम है जिस से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि हुकूमत को उर्दू के फ़रोग़ से कितनी दिलचस्पी हैं।

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