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उर्दू की तरक़्क़ी-ओ-बक़ा का अहल उर्दू पर इन्हेसार ,अमली कोशिश पर ज़ोर

हैदराबाद 10 मई: जनाब ज़ाहिद अली ख़ान एडीटर रोज़नामा सियासत ने उर्दू दां पर ज़ोर दिया कि वो अपनी मादरी ज़ुबान से मुहब्बत करें और उसकी तरवीज-ओ-तरक़्क़ी में अमली तौर पर हिस्सा लें।

हैदराबाद 10 मई: जनाब ज़ाहिद अली ख़ान एडीटर रोज़नामा सियासत ने उर्दू दां पर ज़ोर दिया कि वो अपनी मादरी ज़ुबान से मुहब्बत करें और उसकी तरवीज-ओ-तरक़्क़ी में अमली तौर पर हिस्सा लें।

उन्होंने कहा कि उर्दू की तरक़्क़ी और इसके बक़ा का इन्हेसार उर्दू दां पर ही मुनहसिर है । वो आज गोल्डन जुबली हाल अहाता रोज़नामा सियासत में इदारा सियासत की जानिब से आसान उर्दू सी डी की रस्म ए इजरा अंजाम देने के बाद मुख़ातिब कर रहे थे ।

ये सी डी सियासत टेक्नोलाजी प्राईवेट लिमिटेड ने तैयार की है । कम्पयूटर के ज़रीया मयारी उर्दू तालीम से आरास्ता करने के लिए ये सी डी मददगार-ओ-मुआविन होगी । जनाब ज़ाहिद अली ख़ान ने ये भी कहा कि जब तक उर्दू वाले अपनी ज़बान से पूरी तरह वाबस्तगी इख्तेयार नहीं करेंगे उस वक़्त तक ज़ुबान के फैलने-ओ-फूलने के इम्कानात नहीं होते ।

उन्होंने रियासत केराला की मिसाल देते हुए कहा कि वहां घर का हर फ़र्द अपनी मादरी ज़ुबान में शाय करदा अख़बार ख़रीद कर पढ़ता है ।

उन्होंने मज़ीद कहा कि इसराईल के सदर के पैलेस की तंग दामिनी का एहसास करते हुए कई इसराईल सरमायादारों ने भारी रक़ूमात जमा कर के इसराईली के सदर को चेक पेश किया और उनसे ख़ाहिश की कि वो इस रक़म के ज़रीया अपने पैलेस की तौसीअ-ओ-कुशादा बनाए इसराईली सदर ने कहा कि वो अपने मौजूदा पैलेस से मुतमईन हैं अलबत्ता ये रक़म वो इबरानी ज़ुबान के फ़रोग़ के लिए सर्फ़ करेंगे ।

उन्होंने उर्दू दां को मश्वरा दिया कि वो अपने बच्चों को उर्दू ज़ुबान सिखाएं और इस ज़ुबान के सरमाया से उन्हें मालामाल करें । जनाब ज़ाहिद अली ख़ान ने इस बात पर तशवीश का इज़हार किया कि मुस्लिम ख़ानदानों में लड़कों की तालीम का रुजहान इंतिहाई मायूसकुन होता जा रहा है बल्कि वो अपना ज़्यादा तर वक़्त होटल्स और तफ़रीह गाहों में गुज़ारने लगे हैं जिसकी वजह से आली तालीम की शरह इंतिहाई कम होती जा रही है जबकि मुस्लिम लड़कीयां तालीमी मैदान में तरक़्क़ी की सिम्त गामज़न हैं ।

जनाब ज़हीर उद्दीन अली ख़ान मैनेजिंग एडीटर ने उर्दू दोस्तों से ख़ाहिश की कि वो सी डी से इस्तेफ़ादा करें और अपने रिश्तेदार वं,पड़ोसीयों ,दोस्त-ओ-अहबाब को ये सी डी बतौर तोहफ़ा देते हुए उन्हें उर्दू सीखने-ओ-सिखाने की तरग़ीब दें ।

उन्होंने कहा कि इदारा सियासत ने आज से 19 बरस क़ब्ल उर्दू सिखाने के लिए ज़ुबान दानी ,उर्दू दानी ,इंशा के क्लासेस का रियासत भर में आग़ाज़ किया था और इम्तेहानात के इनइक़ाद के ज़रीया हज़ारों बच्चों को उर्दू ख़वानगी से आरास्ता किया था इस सी डी की इजराई भी इसी सिलसिला में एक कड़ी है ।

ये सी डी ना सिर्फ़ बच्चों बल्कि उनके माँ बाप के लिए भी अहमीयत-ओ-इफ़ादीयत रखती है जो उर्दू ज़ुबान से नावाक़िफ़ है । जनाब आबिद सिद्दीक़ी सदर एम डी एफ़ ने कहा कि इदारा सियासत ने क़ब्लअज़ीं ढ़ेढ़ लाख से ज़ाइद तादाद में तजवीद उल-क़ुरआन की सी डीज़ जारी की थी जिन्हें काफ़ी अवामी मक़बूलियत हासिल हुई आज आसान उर्दू पर मुश्तमिल इस सी डी के ज़रीया हज़ारों तश्दगान उर्दू की प्यास बुझाई जा सकी है ।

उर्दू ज़बान की मिठास और चाशनी से कोई इनकार नहीं कर सकता । इस सी डी को दफ़्तर सियासत में उर्दू दानी के मर्कज़ पर जनाब हबीबुर्रहमान साहब से हासिल किया जा सकता है । ये सी डी ,पी सी उसने तैयार की है ।

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