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उर्दू कॉरपोरेट इदारों में दाख़िल , ए टी एम मशीन स्क्रीन पर उर्दू

उर्दू एक ज़वाल पज़ीर ज़बान होती जा रही है । अब ये तसव्वुर निकाल देने की ज़रूरत है चूँके उर्दू को सरकारी सतह पर इस का जायज़ा मुक़ाम मिले यह ना मिले तहरीक आज़ादी में नुमायां कलीदी किरदार अदा करनेवाली इस लश्करी ज़बान को कॉरपोरेट इदारों में मु

उर्दू एक ज़वाल पज़ीर ज़बान होती जा रही है । अब ये तसव्वुर निकाल देने की ज़रूरत है चूँके उर्दू को सरकारी सतह पर इस का जायज़ा मुक़ाम मिले यह ना मिले तहरीक आज़ादी में नुमायां कलीदी किरदार अदा करनेवाली इस लश्करी ज़बान को कॉरपोरेट इदारों में मुक़ाम हासिल होने लगा है ।

शुमाली हिंद की बाअज़ रियासतों जैसे दिल्ली , उत्तरप्रदेश और बिहार में एच डी एफसी बैंक ने ए टी एम मशीन के स्क्रीन पर उर्दू ज़बान को शामिल करते हुए उर्दू दां तबक़ा को जो सहूलत फ़राहम करने का इक़दाम किया है इस से एसा महसूस होता है कि बहुत जल्द दुसरे बैंक भी इस सिम्त में इक़दामात करते हेओए उर्दू दां तबकके को राग़िब करने की कोशिशों का आग़ाज़ करेंगे ।

मुलक में आज भी कई शुमाली रियासतों में उर्दू का चलन बरक़रार है लेकिन सर ज़मीन ए दक्कन को उर्दू की आबयारी का एज़ाज़ हासिल है जहां पर उर्दू के फ़रोग़ के लिए मुख़्तलिफ़ तरीकों से कोशिश की जाती रही हैं जिन का सिलसिला आज भी जारी है ।

HDFC बैंक ए टी एम के स्क्रीन तक जब उर्दू ने रसाई हासिल करली है तो मुम्किन है कि बहुत जल्द अगर उर्दू वाले इसरार करें तो आप के मोबाईल पर काल सैंटर से रब्त पैदा करने पर जहां अंग्रेज़ी , तलगो और हिन्दी के इंतिख़ाब के लिए इस्तिफ़ादा किया जाताह है वहां उर्दू ज़बान में बात चीत का इख़तियार भी हासिल होजाएगा ।

उर्दू दां तबक़ा की तरफ से हौसला अफ़्ज़ा-ए-रद्द-ए-अमल शुरू होने की सूरत में उर्दू जानने वाले सेंटरस में रोज़गार के मवाक़े भी पैदा होसकते हैं ।

जिन जायदादों पर उर्दू दां के तक़र्रुत के ज़रीया उर्दू के फ़रोग़ में नुमायां किरदार अदा किया जा सकता है । रियासत बिहार , दिल्ली में जहां उर्दू को दूसरी सरकारी ज़बान का मौक़िफ़ हासिल है इस रियासत में एक ख़ानगी बैंक की तरफ से ये इक़दाम क़ाबिल-ए-सिताइश है लेकिन अगर रियासत आंध्र प्रदेश में भी कोई सरकारी बैंक यह हुकूमत की तरफ से ये इक़दाम किया जाता है तो उस की ज़बरदस्त सराहना होसकती है ।

हुकूमत कम अज़ कम इन इलाक़ों में जहां उर्दू दां तबक़ा की ग़ालिब आबादी है वहां के ए टी एम मराकज़ पर मशीन में उर्दू के इख़तियार की हिदायात जारी करे तो ये भी एक उर्दू की ख़िदमत ही होगी चूँके इस से ज़बान के तहफ़्फ़ुज़ में नुमायां किरदार ज़ाहिर होगा ।

रियासत में तकरीबन 14 अज़ला एसे हैं जहां उर्दू को दूसरी सरकारी ज़बान का मौक़िफ़ दिया गया है अगर इन अज़ला में ए टी एम मशीनों पर उर्दू का आग़ाज़ किया जाये तो ये एक बहतरीन इक़दाम तसव्वुर किया जाएगा ।

कॉरपोरेट इदारों में उर्दू दां तबक़ा को मुलाज़मतों का हुसूल अगर शुरू होजाता है तो एसी सूरत में ये ज़बान अपने मौक़िफ़ को मज़ीद बेहतर बना सकती है चूँके जब कोई ज़बान रोज़गार से जुड़ने लगती है तो इस ज़बान को सीखने वालों की तादाद में बतदरीज इज़ाफ़ा होने लगता है ।

उर्दू से मुताल्लिक़ कई एप्लीकेशन अब एनडाएड और अपील के मोबाईलस के लिए दस्तयाब होने लगे हैं और तर्जुमा के सॉफ्टवेर में भी उर्दू को दुसरे ज़बानों के मुमासिल आलमी सतह पर मौजूद ज़बानों में शामिल किया जाने लगा है ।

अगर इस ज़बान की शीरीनी का कॉरपोरेट इदारों की जानिब से तिजारती फ़रोग़ के लिए स्तिमाल किया जाने लगे तो उन्हें और उर्दू दोनों को ज़बरदस्त फ़ायदा हासिल होगा ।

रियासती उर्दू एकेडेमी-ओ-हुकूमत भी बनेकरस-ओ-दुसरे कॉरपोरेट इदारों की तवज्जा इस जानिब मबज़ूल करवा सकती है ताके ज़बान के फ़रोग़ में अपना किरदार अदा करसके ।

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