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उलेमाओं ने कहा, मुस्लिमों को शादी समारोह में बैंड बाजे के इस्तेमाल से बचना चाहिए

नागपुर: इस्लामी संगठन असताफातुर रजिया ने मुसलमानों से अपील की है कि वो शादी में फिजूल खर्ची से बचें और शादी का समारोह सादगी से करें।
अपील में ये भी कहा गया है कि मुस्लिमों को शादी में बैंड -बाजा और शानो-शौकत दिखाने की रस्म से दूरी बनाये रखना चाहिये और सुन्नती तरीके से सादगी के साथ शादी करनी चाहिए।

कुरआन शरीफ की आयत अल- अरफ का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अल्लाह फिजूल खर्ची को नहीं पसंद करता। इसलिये  अगर शादी में फिजूल खर्ची और दिखावा कर रहे हैं तो अल्लाह के कहे को अनसुना कर रहे हैं।

संगठन के प्रेसिडेंट मौलाना अतिक-उर-रहमान ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा कि कुरआन और हदीस साफ इशारा करती है हमें अपने विवाह समारोह को सादगी और कम खर्चों के साथ मनाना चाहिए। शादियों में पटाखे, बैंड बाजा नाच गाने जैसे पैसे लगाना गुनाह है। अतीक-उर-रहमान ने ये भी कहा कि हम हर हफ्ते सेमिनार करके मुसलमानों को शादी करने के सुन्नती और जायज़ तरीके बताते रहते हैं।

अतीक-उर- रहमान ने कहा कि हमारी कोशिश रहती है कि लोगों को ये समझा सके दौलत खुदा की नेमत है और इसका सही जगह पर करना चाहिए। जो पैसे हम शादियों में फिजूल खर्ची में बर्बाद करते हैं उसे पैसों से किसी गरीब की मदद कर सकते हैं। समाज की अच्छी तालीम के लिये इन पैसों को क्यों ना लगाया जाये।

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