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एएमयू छात्रसंघ चुनाव : पहली बार तीन मुस्लिम लड़कियों ने जीत हासिल की

उत्तरप्रदेश : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के इतिहास में पहली बार, तीन लड़कियों को छात्र संघ चुनाव में जीत हासिल हुई है |

गज़ाला  अहमद, सदफ़ रसूल और लबीबा शेरवानी तीनों एएमयूसूयू(अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन) के केबिनेट मेम्बर के तौर पर चुनी गयीं हैं |तीनों ने पहली बार चुनाव लड़ा था | मिस अहमद बैचलर ऑफ सोशल वर्क के अंतिम वर्ष की छात्रा हैं, मिस रसूल B.U.M.S. के अंतिम वर्ष में है और मिस शेरवानी बैचलर ऑफ सोशल वर्क के प्रथम वर्ष की छात्रा हैं ।एएमयूसूयू चुनाव परिणामों ने लैंगिक समानता के बारे में एक सकारात्मक संदेश दिया है |
सोशियोलॉजी डिपार्टमेंट में पीएचडी के स्टूडेंट फैज़ुल हसन प्रेसिडेंट , मास्टर ऑफ़ सोशल वर्क के स्टूडेंट नदीम अंसारी वाइस प्रेसिडेंट , फैकल्टी ऑफ़ मैनेजमेंट के नबील उस्मानी सेक्रेट्री चुने गये हैं |

विश्वविद्यालय के महिला कॉलेज की अंडरपोस्टग्रेजुएट छात्राओं ने भी अपनी यूनियन चुनी है | जिसमें नगमा  शरीफ प्रेसिडेंट,  फरहीन शेरवानी वाइस प्रेसिडेंट और उतवा इसरार शेख सेक्रेट्री चुनी गयीं हैं | विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव शनिवार को आयोजित किये गये थे |

2015 में आयोजित पिछले छात्रसंघ चुनाव में केवल एक ही छात्रा को जीत हासिल हुई थी | जिसमें थियोलॉजी की पीएचडी स्टूडेंट कहकशां खानम, कैबिनेट मेम्बर चुनी गयीं थी | मिस खानम ने इस बार वाइस प्रेसिडेंट कि उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था |

अलीगढ़ से हिंदू से बातचीत में गज़ाला अहमद ने कहा कि पहले प्रयास में ही में तीन लड़कियों की जीत ने ये दिखाया है कि एएमयू छात्र राजनीति में लड़कियों की अधिक से अधिक भागीदारी देखना चाहता है |

ये मालूम किये जाने पर कि आपने पुरुष मतदाताओं के वोट को अपने पक्ष में कैसे किया | गज़ाला ने कहा कि हमने उनसे कहा था कि हमें लड़कियों के बारे में एएमयू की धारणा बनी हुई है उसे तोडना है | हमने उनसे कहा कि हमें बाहर कि दुनिया को ये दिखाना है कि एएमयू कैम्पस लड़कियों के अनुकूल है और यहाँ के लोग छात्र राजनीति में लड़कियों की भागीदारी भी देखना चाहते हैं |उन्होंने कहा  कि वास्तव में ये बहुत मुश्किल काम था |

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