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एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी, सोमवार को फिर हो सकता है बड़ा साइबर अटैक

दुनिया के कई देशों पर हुए बड़े साइबर हमले के बाद रविवार को टेक्निकल स्टाफ प्रभावित कंप्यूटरों को रीस्टोर करने और बाकी कंप्यूटर सुरक्षित करने में जुटे रहे । दरअसल, कंपनियों और संस्थानों को डर है कि सोमवार को कंप्यूटरों को खोलने पर फिर से रैनसमवेअर का हमला न हो जाए । रैनसमवेयर वायरस ने कार फैक्ट्रियों, अस्पतालों, दुकानों और स्कूलों की गतिविधियों पर अचानक ब्रेक लगा कर दुनियाभर में तहलका मचा दिया।

बीबीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन के सिक्यॉरिटी रिसर्चर ‘मैलवेयर टेक’ ने भविष्यवाणी की कि सोमवार को दूसरा हमला होने की आशंका है। मैलवेयर टेक ने रैनसमवेयर हमले को सीमित करने में मदद की । वायरस के प्रसार को रोकने के लिए एक डोमेन का रजिस्ट्रेशन कराए जाने के बाद मैलवेयर टेक का ‘आकस्मिक हीरो’ के तौर पर स्वागत किया गया। मैलवेयर टेक अपनी पहचान नहीं जाहिर करना चाहता।

उस 22 वर्षीय व्यक्ति ने रविवार को बीबीसी से कहा, ‘हमने इसे रोक दिया है, लेकिन कोई दूसरा आ रहा है और इसे हम नहीं रोक पाएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘उनके पास इस काम को करने के अच्छे मौके हैं। इस वीकेंड नहीं, लेकिन इसे सोमवार सुबह तक करने की संभावना है।’ उन्होंने ट्वीट किया, ‘वानाक्राइ का पहला वर्सन रोक दिया गया, लेकिन दूसरे वर्सन को शायद ही हटाया जा सके। इस हमले से आप तभी सुरक्षित हैं, यदि आप जल्द-से-जल्द मरम्मत कर सकें।’
खासकर एशियाई देशों में सोमवार को कंप्यूटर खोले जाएंगे और इस लिहाज से वहां कल का दिन बेहद व्यस्त रहने वाला है जहां शायद अभी सबसे बुरा देखने को नहीं मिला है। सिंगापुर के एक सिक्यॉरिटी रिसर्चर क्रिस्चियन करम ने कहा, ‘इसके बारे में सोमवार सुबह बहुत कुछ सुनने को मिलेगा जब यूजर्स दफ्तर आएंगे और शायद फिशिंग ईमेल्स के शिकार बन जाएंगे। हो सकता है उन्हें कुछ और ही परिस्थिति का सामना करना पड़े।’

प्राइस वॉटर हाउस कूपर्स में साइबर सिक्यॉरिटी पार्टनर मैरिन इवेजिक ने कहा कि हमले की बात सामने आने के बाद से ही क्लाइंट्स सिस्टम्स को रीस्टोर करने और सॉफ्टवेयर अपडेट करने में दिन-रात जुटे हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले महीने ही पैचेज रिलीज किए थे। उसने शुक्रवार को भी इसे जारी किया ताकि उस गड़बड़ी को दुरुस्त किया जा सके जिसकी वजह से पूरे नेटवर्क में वॉम फैल जाता है। यह वॉम दुर्लभ और ताकतवर है जिसने शुक्रवार को पूरी दुनिया में कोहराम मचा दिया।

साइबर सिक्यॉरिटी एक्सपर्ट्स की मानें तो 1 लाख से ज्यादा कंप्यूटरों को लॉक कर देनेवाले वानाक्राइ नाम के रैनसमवेअर के फैलने की रफ्तार थोड़ी थमी तो है, लेकिन इससे बहुत कम वक्त तक राहत मिल सकती है। एक्सपर्ट्स की चेतावनी है कि रैनसमवेअर के नए वर्सन आ सकते हैं। शुक्रवार के हमले में कितना नुकसान हुआ, इसका अब तक सही-सही अंदाजा नहीं लगाया जा सका है।जांचकर्ता शुक्रवार को रैनसमवेयर का इस्तेमाल करने वाले का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इसका इस्तेमाल करने वालों को वाना डिक्रिप्टर या वानाक्राइ के नाम से जाना जाता है।

रैनसमवेअर ने यूजर्स की फाइलों को अपने क़ब्ज़े में ले लिया था। यह वायरस स्पेन, फ्रांस और रूस सहित 100 देशों में फैल गया। इंग्लैंड में 48 राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाएं (एनएचएस) ट्रस्ट एवं स्कॉटलैंड के 13 एनएचएस निकाय इसके शिकार हुए । इससे कुछ अस्पतालों को अपनी सेवाएं कैंसल करनी पड़ी । कंप्यूटरों को हैक करने के बाद वायरस ने एक मैसेज दिया . जिसमें फाइलों को खोलने और उपभोक्ताओं के इस्तेमाल करने के लिए आभासी मुद्रा में 300 डॉलर बिटकॉइन के पेमेंट की मांग की गई।

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