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एक और चारा घोटाला में लालू प्रसाद की सी बी आई अदालत में पेशी

आर जे डी सरबराह लालू प्रसाद जिन्हें चारा घोटाला में मुलव्वस पाए जाने पर जेल भेज दिया गया है, उन्हें और मौजूदा जे डी (यू) एम पी जगदीश शर्मा के इलावा साबिक़ एम एल ए आर के राना एक दीगर चारा घोटाला मुआमले वीडियो कान्फ़्रेंस के ज़रिया सी बी आई की ख़ुसूसी अदालत में पेश किया गया।

इस मौके पर के गवाह जय नारायण प्रसाद वर्मा के बयान को रिकार्ड किया गया जो 1990 की दहाई में जाली काग़ज़ात पेश करते हुए चाइबासा टरीझ़री से मुबय्यना तौर पर 9 करोड़ रुपये निकाले जाने के बारे में था। इस मौके पर सीता राम प्रसाद की अदालत ने वकील दिफ़ा की जानिब से गवाह से जिरह के लिए 18 नवंबर की तारीख़ मुतय्यन की है।

प्रसाद के वकील प्रभात कुमार ने ये बात बताई। मुंदरजा बाला तीनों मुल्ज़िमीन को देवघर‌ टरीझ़री से धोका दही के ज़रिया 1990 की दहाई मुबय्यना तौर पर 97 लाख रुपये निकाले जाने के एक और मुआमले में 12 नवंबर को सी बी आई की ख़ुसूसी अदालत के रूबरू पेश किया जाएगा। याद रहे कि 3 अक्टूबर को लालू प्रसाद को चारा घोटाला में मुलव्वस पाए जाने पर पाँच साल की क़ैद बामुशक़क़्त सुनाकर जेल भेज दिया गया।

यहां इस बात का तज़किरा भी दिलचस्प होगा कि चारा घोटाला के जुमला 3 मुआमलात मंज़रे आम पर आए थे जिन में 45 मुआमलात की यकसूई करदी गई है जिन में मुलव्वस अफ़राद को सज़ाए क़ैद सुनाई गई। सिर्फ़ कुछ ही मुआमलात ऐसे थे जिन में मुल्ज़िमीन की रिहाई अमल में आई थी।

ख़ुसूसी सी बी आई अदालत को 950 करोड़ रुपये के मवेशी पालन महिकमा के घोटाला जो चारा घोटाला के नाम से ज़्यादा मशहूर हुआ था, क़ायम किया गया था। सिर्फ़ एक मुल्ज़िम ऐसा था जिसे दस साल की सज़ाए क़ैद सुनाई गई थी जबकि बाक़ी जितने भी मुल्ज़िमीन थे उन्हें सात साल की सज़ा दीगई।

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