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एक और दलित बच्चे का क़त्ल

सोनीपत: देवीपुरा गांव के दलित लड़के के क़त्ल के मामले में दो असिस्टेंट सब इंस्पेक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है। एक डॉक्टर ने बताया कि, पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट के मुताबिक लड़के की मौत फंदे पर लटकाने से हुई है। डिप्टी सबइंन्सपेक्टर विनोद कुमार ने कहा कि, एएसआई सुभाष और अनिल के खिलाफ आईपीसी के कई दफात के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है।

हरियाणा में 20 अक्टूबर को दो दलित बच्चों को जिन्दा जलाए जाने का मामला अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ था कि, जुमेरात के रोज़ एक 15 साल के बच्चे का मुर्दा पाये जाने का वाकिया ने तूल पकड़ लिया है। बच्चे के पूरे जिस्म पर जख्म थे और यह बच्चा भी दलित खानदान से था।

बच्चे की लाश उसके घर के ही पास लटकती मिली। उसके खानदान वालों का इल्ज़ाम है कि दूसरे ज़ात के लोगों ने उस पर कबूतर चोरी का इल्ज़ाम लगाया था जिसके बाद उसे पुलिस ने बहुत बेरहमी से पीटा।

रिश्तेदारों के मुताबिक पुलिस बच्चे को पूछताछ के बहाने ले गई थी। जब उसकी मां उसे तलाशते हुए थाने पहुंची तो पहले पुलिस वालों ने दस हजार हुपए घूस की मांग की, और बाद में बच्चे को रिहा करने के एवज में पांच हजार और मांगे। जब बच्ची पैसे लेकर वापस थाने पहुंची तो पुलिस वालों ने कहा कि बच्चा पहले ही भाग निकला है।

फौतशुदा बच्चे के भाई ने कहा कि, “जब मेरी मां पुलिस स्टेशन गई तो उन्होंने कहा कि वह भाग निकला है। अगर कोई यूं ही पुलिस हिरासत से भाग निकलता है तो पुलिस के होने न होने का मतलब ही क्या है? सुबह हम लोगों को उसकी लाश मिली। उन्होंने हमसे सारा पैसा ले लिया और उसका क़त्ल कर दिया ।”

बच्चे की लाश मिलने के बाद उसके खानदान और रिश्तेदारों ने उसकी लाश को सड़क पर रखकर सड़क और रेलवे ट्रैफिक जाम कर दिया और उसके क़ातिलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

फौतशुदा बच्चे की सुबुकती हुई मां के पास बैठी उसकी चाची ने कहा कि, “उस लड़के का न बाप था, ना बाबा और न ही चाचा। उसकी मां एक बेवा थी। यह कत्तई इंसाफ नहीं है… उस बच्चे के हाथ और पैर पहले ही टूटे हुए थे।”

बच्चे के मां-बाप ने सिर्फ सरकारी कार्रवाई के बाद ही बच्चे की आखिरी रसूमात किए जाने की बात कही है। एक सीनीयर पुलिस आफीसर विनोद कुमार के मुताबिक, “यहां मौजूद पुलिस ने यह कुबूल किया है कि वह उनके मारने से मर गया था, लेकिन कुछ पुलिस वालों का कहना है कि उसकी मौत यहां के एक ट्रांसपोर्ट ताजिर तरफ से बुरी तरह पीटे जाने से हुई है।

आपको बता दें कि पीर के रोज़ हरियाणा के ही एक अन्य गांव में दो छोटे बच्चों को जिन्दा जला दिया था। मुल्ज़िम अपर कास्ट के हैं।

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