Saturday , October 21 2017
Home / Jharkhand News / एक साल में रियासत में एक भी कंपनी नहीं लगी : मरांडी

एक साल में रियासत में एक भी कंपनी नहीं लगी : मरांडी

जमशेदपुर : झाविमो के मर्क़ज़ी सदर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरमायाकारी का बेहतर माहौल के लिए वर्ल्ड बैंक ने रियासत को तीसरा नंबर दिया है, लेकिन हकीकत यह है कि झारखंड में एक साल में एक भी इंडस्ट्री नहीं लगा है।

सरकार ने 11 कंपनियों के साथ एमअोयू किया है, लेकिन एमअोयू पर वे कुछ बोलना नहीं चाहते, क्योंकि इसे लेकर कई पुरानी कहानी है। मिस्टर मरांडी रघुवर दास की कियादत वाली हुकुमत के एक साल के मुद्दत के मुद्दे पर बोल रहे थे। मिस्टर मरांडी ने कहा कि जिस सरकार की शुरुआत ही कानून का खिलाफवर्जी से हुई है, उससे क्या उम्मीद की जा सकती है। आजसू के साथ मिलकर पूरी अक्सरियत होने के बावजूद झाविमो के छह एमएलए को पैसा अौर ओहदे का लालच देकर अपने हक में कर लिया। इसका मामला हाई कोर्ट अौर एसेम्बली में चल रहा है।

मिस्टर मरांडी ने कहा किसी भी सरकार से लोगों की उम्मीद इन्साफ व सिक्यूरिटी की रहती है। दारुलहुकूमत की क्या सूरते हाल है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि थाना में धमकी-रंगदारी मांगने की शिकायत कर लौटते समरेंद्र कुमार की सीएम रिहाईशगाह के पीछे गोली मार कर क़त्ल कर दी जाती है। रांची के हरिअोम टावर से खातून के कूद कर जान देने पर ससुराल वालों की गिरफ्तारी होती है, लेकिन अपर बाजार के बड़े कारोबारी की ज़ुल्म से तंग आकर सुसाइड करने अौर सुसाइड छोड़ने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती है।

सबसे ज्यादा गरीब रियासत होने के बावजूद फ़ूड सिक्यूरिटी कानून के तहत कई लोगों को राशन कार्ड ही नहीं मिला है, तो अनाज मिलने की बात दूर है। गरीबों के रिहाईशगाह तामीर में गुजिश्ता साल से तादाद कम कर दी गयी। अब तक इसका सलेक्शन नहीं किया गया है। वज़ीरे आला टाटा-रांची रोड नहीं बनने के लिए नितिन गडकरी को ख़त लिखते हैं, जबकि वे खुद मुदाखिलत कर ठेकेदार से काम करा सकते हैं।

एक साल में सरकार सिर्फ एलान अौर वादा के अलावा कुछ नहीं की है। वज़ीरे आला बदउन्वान पर जीरो टालरेंस की बात कहते हैं, जबकि नमक घोटाला समेत अौर बड़े अफसरों के बदउन्वान की तहकीकात रिपोर्ट खुद अपने पास रखे हुए हैं। छोटे मुलाज़िमान को निगरानी से पकड़ कर सरकार वाहवाही ले रही है।

साथी पार्टी झादिपा के लीडर सालखन मुर्मू का आदिवासी समाज की तरफ से बायकाट करने के मुद्दे पर मिस्टर मरांडी ने कहा कि मिस्टर मुर्मू से उनकी बात हुई है। आदिवासी समाज ने उनका बायकाट नहीं किया है, बल्कि कुछ लोगों ने किया है अौर किसी का भी 100 फिसद लोग हिमायत नहीं हो सकते।

 

TOPPOPULARRECENT