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एक हफ़्ता के अंदर तमाम दर्सी कुतुब (कोर्स बुक) की फ़राहमी

रियासत में स्कूलस की दुबारा कुशादगी होने के तक़रीबन एक माह बाद भी सरकारी स्कूलस के तक़रीबन 85 लाख तलबा की काबिल लिहाज़ तादाद को अब तक भी तमाम दर्सी कुतुब (कोर्स बुक) दस्तयाब नहीं हो सकी हैं जब कि हुकूमत ने यक़ीन दिलाया है कि आज से शुरू हुए तालीमी पंदरहवाड़ा के इख़तताम तक तमाम तलबा तक तमाम दर्सी कुतुब (कोर्स बुक) मुहय्या की जाएंगी ।

सरकारी टॅक्स्ट बिक प्रेस के डायरेक्टर बी सुधाकर ने कहा कि 7 जुलाई तक तेलगू , उर्दू और इंग्लिश मीडियम स्कूलस के लिये चार करोड़ 53 लाख दर्सी कुतुब (कोर्स बुक) डिस्ट्रिक्ट एजूकेशनल ऑफीसरस को फ़राहम की जा चुकी हैं । उन्हों ने कहा कि हम हर रोज़ छ त्ता सात लाख दर्सी कुतुब (कोर्स बुक) रवाना कर रहे हैं और एक हफ़्ता के अंदर बाक़ी दर्सी कुतुब (कोर्स बुक) रवाना करदी जाएंगी ।

दूसरी तरफ़ स्टूडैंटस फेडरेशन आफ़ इंडिया के एस्टेट जनरल सेक्रेटरी के चन्द्र मोहन का कहना है कि इन की तंज़ीम की तरफ़ से कराए गए सर्वे के मुताबिक़ बहुत से मुक़ामात पर दुवम , सुवम और पंजुम जमातों की दर्सी कुतुब (कोर्स बुक) स्कूलस को नहीं पहूंचे हैं । हुकूमत ने इस साल 30 करोड़ रुपये के ख़र्च से दर्सी कुतुब की छपाई का काम अंजाम दिया है ।

वज़ीर स्कूली तालीम इस शलीजा नाथ ने कहा कि हमारी रियासत में कुतुब का मीआर दूसरी रियासतों की बनिसबत आला है । दर्सी कुतुबकी मुंतक़ली के लिये ज़ाइद फंड्स मुख़तस किए गए हैं । निसाब पर नज़र-ए-सानी की वजह से तीसरी छट्टी और सातवीं जमात(कलास) की कुतुब की क़िल्लत का एहसास पैदा हुआ है ।।

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