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एक ही मुकाम पर 2 ट्रेन हादसों में 31 की मौत

हरदा/खंडवा: मध्यप्रदेश के हरदा के पास एक ही मुकाम पर एक के बाद एक दो ट्रेनों के साथ बडा हादसा हुआ है। इटारसी-मुंबई रेलवे ट्रैक पर हरदा से खिडकिया स्टेशन के बीच हुए हादसे में कामायनी और जनता एक्सप्रेस की 17 बोगियां पुल धंसने से पटरी से उतर गईं।

मुंबई-वाराणसी कामायनी एक्सप्रेस के 8 डिब्बे, जबकि पटना से मुंबई जा रही जनता एक्सप्रेस के 4 डिब्बे और इंजन पटरी से उतर गए। रात तकरीबन 11.45 बजे हुए इस हादसे में 31 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 100 से ज्यादा ज़ख्मी हुए हैं।

रेस्क्यूट टीम ने 300 से ज़्यादा लोगों को महफूज़ निकाल लिया गया है। राहत का काम पूरा हो चुका है। रियासती रेल मिनिस्टर मनोज सिन्हा ने कहा कि यह कुदरती आफत है, इसके आगे हम सभी बेबस हैं। हादिसे के जांच के हुक्म दे दिए गए हैं। रेलवे सेंट्रल जोन के कमिश्नर (सेफ्टी) इसकी जांच करेंगे।

रेलवे की तरफ से मुआवजे का भी ऐलान किया गया है । फौतशुदा के घरवाले को दो-दो लाख, शदीद तौर से ज़ख्मियों को 50 लाख और मामूली तौर पर ज़ख्मी हुए लोगों को 10-10 हजार देने का ऐलान किया गया है |

हरदा के डीएम रजनीश श्रीवास्तव ने 28 लोगों की तस्दीक करते हुए कहा कि ज़ख्मियों में कोई भी शदीद तौर पर ज़ख्मी नहीं हुआ है। ज़ख्मियों को इलाज़ किया जा रहा है। रेलवे से हादिसे को लेकर हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। हरदा के लिए यह नंबर 97524-46008, वाराणसी के लिए 5422-503814 और मुंबई के लिए 0222-5280005 है।

इत्तेला के मुताबिक, हादसा बुध की देर रात 11:45 बजे काली माचक नदी से पहले बनी एक छोटी पुलिया पर हुआ। ट्रेन नं0 11071 (मुंबई-वाराणसी) कामायनी एक्सप्रेस के 11 डिब्बे पुलिस धंसने के कारण पटरी से उतर गए, जबकि इसके ठीक बाद 13201 जनता एक्सप्रेस (राजेंद्रनगर-कुर्ला) ठीक उसी जगह हादसे का शिकार हुई। हादसे से ठीक 8 मिनट पहले दोनों ट्रैक से दो गाडियां बसलामत गुजरी थीं।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल ने कहा कि, ऐसा लगता है कि कुछ मिनट पहले ट्रेनों के गुजरने के बाद बारिश के सबब बाढ का पानी ट्रैक पर से गुजरा, हादसे के वक्त भी पटरी पर पानी था। जानकारी के मुताबिक, कामायनी एक्सप्रेस की S1 से S11, जबकि जनता एक्सप्रेस की S2 से S6 बोगियां पटरी से उतर गईं।

यह पुलिया हरदा से तकरीबन 32 किलोमीटर दूर काली माचक नदी के पास है।

जनता एक्सप्रेस की एक ही बोगी से 11 लाशें निकाले गए हैं। वहीं ट्रेन से निकलने की कोशिश में करंट लगने से दो लोगों की भी मौत हो गई। मौके पर अंधेरा और पानी भरा होने की वजह से हालात और खौफनाक हो गई। रात एक बजे तक दोनों ट्रेन के मुसाफ एक दूसरे का हाथ पकडकर नदी में गिरी बोगियों के मुसाफिरों को बचाने में जुटे थे। हादसे के सबब इटारसी रूट की 4 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। 22 ट्रेनों के रूट बदले गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके हर मुम्किन मदद करने की बात कही।

मुसलसल हो रही बारिश की वजह से ट्रैक पर पानी का बहाव बढता गया। रात तकरीबन 12.50 बजे पहुंचे राहत टीम ने ट्रैक धंसता देखकर कामायानी एक्सप्रेस के साथ खडी जनता एक्सप्रेस को रोकना चाहा, हालांकि तब तक इस ट्रेन का इंजन और एक डिब्बा पटरी से उतर चुका था। रेलवे तरजुमान अनिल सक्सेना ने बताया कि हादसा पुल से कुछ दूर आगे पुलिया पर हुआ।

अगर हादसा नदी के पुल पर होता तो बडा नुकसान हो सकता था। उन्होंने बताया कि किसी बांध के टूटने से अचानक बाढ आ गई। बाढ के पानी की वजह से ट्रैक के नीचे की मिट्टी निकल गई होगी और पटरियां धंस गई होंगी।

ऐनीशाहिदीन संजय चौहानसाकिन वलिया ने मौके से बताया कि ट्रैक पर पानी का बहाव होने से ट्रेन पटरी से उतर गई। पीछे के तीन डिब्बे ट्रैक उख़डने से ट्रेन से टूटकर पुलिया में गिर गए हैं। कई मुसाफिर मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन अंधेरा होने से मुसाफिरों को निकालने में परेशानी हुई। वहीं पुलिया पर ट्रैक के नीचे की मिट्टी बह जाने की इत्तेला इटारसी स्टेशन पर मिलने के बाद रात 12 बजे तिब्बी जहाज़ रवाना हुआ था।

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