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एजाज़ अहमद को क्लीन चिट की सूरत में बाअज़ मामूर करने का ऐलान

नई दिल्ली, 8 मई: ( पी टी आई ) वज़ीर-ए-दिफ़ा ए के अनटोनी ने लोक सभा में ऐलान किया कि इदारा बराए दिफ़ाई तहक़ीक़‍ओ‍ तरक्कियात ( डी आर डी ओ ) के एक जूनियर रिसर्च साईंसदाँ एजाज़ अहमद को क़ौमी तहक़ीक़ाती इदारा (एन आई ए ) की अदालत की जानिब से बेक़सूर क़र

नई दिल्ली, 8 मई: ( पी टी आई ) वज़ीर-ए-दिफ़ा ए के अनटोनी ने लोक सभा में ऐलान किया कि इदारा बराए दिफ़ाई तहक़ीक़‍ओ‍ तरक्कियात ( डी आर डी ओ ) के एक जूनियर रिसर्च साईंसदाँ एजाज़ अहमद को क़ौमी तहक़ीक़ाती इदारा (एन आई ए ) की अदालत की जानिब से बेक़सूर क़रार दीए जाने की सूरत में बाअज़ मामूर कर दिया जाएगा ।

अनटोनी ने लोक सभा में सी पी आई के रुकन गुरूदास दास गुप्ता और दीगर अरकान को दीए गए एक तहरीर जवाब में कहा कि क़ौमी तहक़ीक़ाती एजेंसी ( एन आई ए ) की मंगलोर में वाकेए ख़ुसूसी अदालत ने 5 मार्च 2013 को एजाज़ अहमद की ज़मानत मंज़ूर की । इस तहक़ीक़ाती इदारे की जानिब से मज़ीद तहक़ीक़ात जारी हैं और उन्हें बेक़सूर क़रार दीए जाने की सूरत मुलाज़मत बहाल की जा सकती है।

मिस्टर अनटोनी ने मज़ीद कहा कि डी आर डी ओ का कोई भी साईंसदाँ दहशतगर्दी की साज़िश में मुलव्वस नहीं रहा है ताहम वज़ीर-ए-दिफ़ा ने कहा कि एजाज़ अहमद मिर्ज़ा जो बैंगलोर के एक दिफ़ाई मरकज़ सी ए बी एस में जूनियर रिसर्च फ़ैलो के ओहदे पर फ़ाइज़ थे 30 अगस्त 2012 से एक तवील अर्से तक डयूटी से ग़ैर हाज़िर रहने के सबब 12 फ़रवरी 2013 को मुलाज़मत से बरतरफ़ कर दिए गए थे ।

उन्हें दहशतगर्दी की एक साज़िश में मुबय्यना तौर पर मुलव्वस होने पर पुलिस ने गिरफ़्तार भी किया था ।मिस्टर अनटोनी ने कहा कि एजाज़ 9 जनवरी 2012 से दो साला मुद्दत के लिए आरिज़ी तौर पर इस इदारे में मुक़र्रर किए गए थे । उन्हें कोई हस्सास या राज़दाराना एहमीयत के हामिल ओहदे पर तैनात नहीं किया गया था |

एजाज़ की रिहाई के लिए काटजू का मुतालिबा

इस दौरान प्रेस कौंसल आफ़ इंडिया के सदर नशीन मारकंडे काटजू ने भी डी आर डी ओ के साईंसदाँ एजाज़ अहमद मिर्ज़ा की मुलाज़मत बहाल करने का मुतालिबा किया। वज़ीर-ए-दिफ़ा ए के अनटोनी और चीफ़ मिनीस्टर कर्नाटक जगदीश शेटर के नाम मिस्टर काटजू ने अपने मकतूब रवाना करते हुए कहा था कि अगर मिर्ज़ा के ख़िलाफ़ कोई सुबूत नहीं है तो उनको बाज़ मामूर किया जाये और ख़ातिरख़वाह मुआवज़ा भी अदा किया जाये इलावा अज़ीं मर्कज़ी-ओ-रियासती हुकूमतों की जानिब से एजाज़ अहमद मिर्ज़ा से बरसर-ए-आम माज़रत ख़्वाही की जाये ।

काटजू ने अनटोनी से कहा कि में आप से दरख़ास्त करता हूँ कि फ़िलफ़ौर इस मसले पर ग़ौर किया जाये और अगर ये दुरुस्त है कि एजाज़ अहमद मिर्ज़ा के ख़िलाफ़ कोई सुबूत नहीं है तो उन्हें फ़ौरी असर के साथ उन के साबिक़ा ओहदे पर ही बाज़ मामूर किया जाये और बसूरत-ए-दीगर मुल्क भर में ये पैग़ाम जाएगा कि मुसलमान दहश्तगर्दी हैं और ऐसी सूरत में फ़िर्कापरस्त ताक़तों को मुसलमानों के ख़िलाफ़ मुनज़्ज़म पैमाने पर साज़िशें करने और उन्हें अपनी साज़िशों बनाने का मौक़ा मिल जाएगा ।

काटजू ने कहा कि मुसलमानों को बम धमाकों के मुख़्तलिफ़ मुक़द्दमात में झूटे इल्ज़ामात के तहत मुल्ज़िम बनाए जाने के वाक़ियात की वो पहले ही मुज़म्मत कर चुके हैं।

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