Thursday , October 19 2017
Home / Uttar Pradesh / एनआइए को तलाश मुश्तबा को पांच करोड़ देने वाले की

एनआइए को तलाश मुश्तबा को पांच करोड़ देने वाले की

पटना और बोधगया सीरियल धमाके की गुत्थी सुलझाने में जुटी एनआइए की टीम को एक अहम जानकारी हाथ लगी है। एनआइए को मुश्तबा ने यह इत्तिला दी है कि रांची का एक शख्स पांच करोड़ रुपया फायनांस किया है। उसके बारे में पूरी जानकारी एनआइए को मिल चुक

पटना और बोधगया सीरियल धमाके की गुत्थी सुलझाने में जुटी एनआइए की टीम को एक अहम जानकारी हाथ लगी है। एनआइए को मुश्तबा ने यह इत्तिला दी है कि रांची का एक शख्स पांच करोड़ रुपया फायनांस किया है। उसके बारे में पूरी जानकारी एनआइए को मिल चुकी है।

उसके कारोबार और बैंक एकाउंट की भी तलाश की जा रही है। पुख्ता सबूत हाथ लगने के बाद उस शख्स को एनआइए पूछताछ के लिए बुला सकती है। साल 2013 में मंजर इमाम जब रांची से गिरफ्तार हुआ था तो उसने भी कुछ इस तरह के इशारे दिए थे।

पटना सीरियल धमाके के दिन मो इम्तियाज भी पुलिस के हत्थे चढ़ा था। उसने भी तंजीम के इक़्तेसादी फाइदा पहुंचने वाले लोगों के बारे में जानकारी दी थी। अब हैदर ने भी इसपर मुहर लगा दी है। एनआइए की टीम उस शख्स के घर को भी जाकर देख ली है। डीएसपी की तलाश एक रिटाइर्ड डीएसपी जो डोरंडा इलाके में रहते हैं, उनकी भी तलाश एनआइए को है। एनआइए कई बार उनके घर पर दबिश दे चुकी है। वे अभी बाइरून मुल्क में बताए जाते हैं।

उनके यहां मजहबी प्रोग्राम होता था, जिसमें कई मुश्तबा शामिल होते रहे हैं। इरम लॉज से गिरफ्तार एक मुश्तबा ने इसका खुलासा किया था। पटना धमाके से एक दिन पहले कुछ मुश्तबा रांची से बस से गए थे। टिकट कौन बुक कराया था, कौन सा बस था। इसका पता लगाया जा रहा है। इस सिलसिले में भी एनआइए की टीम बस स्टैंड पहुंची और जानकारी हासिल की। रांची में ही टाइमर बम मुश्तबा को दिया गया था।

मिट्टी जब्त करेगी एनआइए

सीठियो गांव में मुश्तबा के मुबइयना तरबियत मुकाम और जहां टाइमर बम छुपा कर रखे गए थे, उस मिट्टी को सबूत के तौर पर जब्त किया जाना है। एनआइए की टीम मंगल की रात या बुध की सुबह वहां जाकर मिट्टी को जब्त करेगी। साथ ही गांव कुछ लोगों से पूछताछ भी कर सकती है। एनआइए के अफसर मंगल को एसएसपी से मिले। एनआइए के अफसरों ने एसएसपी को कुछ इत्तिला दी है। उसपर भी कार्रवाई की जानी है।

एसएसपी और एनआइए के अफसरों के दरमियान तकरीबन एक घंटे तक बातचीत हुई। रिमांड पर लिए गए मो हैदर और मुजीबुल्लाह से रांची में एनआइए की टीम अभी भी पूछताछ कर रही है। दोनों मुश्तबा से यह जानने की कोशशि की जा रही है कि और कितने लोग उनके राब्ते में थे। बम कहां छुपाकर रखा गया है। पटना सीरियल धमाके से जुड़ा एक मुश्तबा फैजान अहमद दो मई को दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा था।

वह असल तौर से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है, लेकिन शारजाह में शिफ्ट कर गया है। उसने भी कई खुलासे झारखंड के सिलसिले में किए है, उस पर भी जांच की जा रही है। भारत लौटने पर दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। अरवल का रहने वाला असलम परवेज आठ मार्च को गिरफ्तार हुआ था। उसने भी कई जानकारी एनआइए को दी है। असलम हैदर का साथी है। उसने तो यहां तक बताया है कि मध्य प्रदेश के एक बैंक को जब लूटा गया था, उस वक़्त 10 करोड़ रुपए मिले थे। उसका भी एक बड़ा हिस्सा तंजीम को दिया गया था। इन तमाम नुक़तों पर तहक़ीक़ात जारी है।

TOPPOPULARRECENT