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एनकाउंटर मामला: मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार और पुलिस को जारी किया नोटिस

भोपाल: 8 मुस्लिम युवकों को तथाकथित मुठभेड़ में मार गिराने के मामले में, मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार और राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया है.

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अमर उजाला के अनुसार, आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, डीजी (जेल), आईजी (जेल) व राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए छह हफ्ते के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है. जेल प्रसाशन के मुताबिक जेल के एक गार्ड की हत्या कर सिमी के आठ आतंकी जेल से फरार हो गए थे. पुलिस ने उन्हें जेल से करीब 15 किमी. दूर स्थित पहाड़ी इलाके में आठों आरोपियों को मार दिया. इस घटना के बाद डीआईजी (जेल) और जेल अधीक्षक समेत पांच जेल अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एडिशनल डीजी (जेल) का तबादला कर दिया गया है.
वहीं कांग्रेस ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग उठाई है. पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि एनआईए की जांच पर भरोसा नहीं है, क्योंकि हाल ही में केंद्र सरकार ने एनआईए निदेशक को सेवावृद्धि दी है. इस बीच एनआईए की टीम सोमवार की शाम ही भोपाल पहुंच गई और उसने जांच का काम शुरू कर दिया है.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि मारे गए लोग खूंखार आतंकी थे और वे भागने में पूरी तरह से सफल हो जाते तो बड़ी तबाही ला सकते थे. हेड कांस्टेबल रमाशंकर यादव को श्रद्धांजलि देने के बाद मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने मुठभेड़ में मार गिराने के मुद्दे पर विरोधियों द्वारा गंदी राजनीति करने का आरोप लगाया. रमाशंकर यादव के परिवार को दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता और अगले माह होने वाले बेटी के विवाह के लिए पांच लाख रुपये की विशेष अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है. उन्होंने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है. मूल रूप से उत्तरप्रदेश के बलिया जिले के राजपुर के रहने वाले रमाशंकर के दोनों बेटे सेना में हैं.

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश पुलिस इस मामले को एनकाउंटर बता रही है जबकि देश के जाने माने हस्तियों ने इसे फेक एनकाउंटर करार दिया है. दिल्ली के मुख्य मंत्री अरविन्द केजरीवाल, कन्हैया कुमार और जाने माने पत्रकार रविश कुमार ने इस पर कई तरह के सवाल खड़े किये हैं. जमीअत उलेमा ने इसे खुली हत्या करार दिया है.
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