Wednesday , October 18 2017
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एयर फ़ोर्स जांबाज़ों के हैरतअंगेज़ करतब

हिंदुस्तान ने इंतिहाई सख़्त सेक्यूरिटी के दरमियान अपना 65वां यौमे जम्हूरिया मनाया । इस मौक़े पर हिंदुस्तानी फ़ौजी क़ुव्वत क़दीम तहज़ीब-ओ-सक़ाफ़्त से मालामाल विरासत का आलीशान राजपथ पर शानदार मुज़ाहेेरा किया गया।

हिंदुस्तान ने इंतिहाई सख़्त सेक्यूरिटी के दरमियान अपना 65वां यौमे जम्हूरिया मनाया । इस मौक़े पर हिंदुस्तानी फ़ौजी क़ुव्वत क़दीम तहज़ीब-ओ-सक़ाफ़्त से मालामाल विरासत का आलीशान राजपथ पर शानदार मुज़ाहेेरा किया गया।

रिवायती परेड ने हिंदुस्तानी इक़तिदार के महवर रायसेना हिल्ज़ से तारीख़ी लाल क़िला तक फ़क़ीद उल-मिसाल मार्च के ज़रिये हिंदुस्तानी मुआशरे की कसरत में वहदत के नमूने की अमली झलक और हैरतअंगेज़ दिफ़ाई सलाहियतों का मुज़ाहिरा किया, जिसको देखने वाले हज़ारों शायक़ीन जो आठ किलोमीटर तवील मार्च के रास्ते के दोनों जानिब मौजूद थे, तालियां बजाकर जत्थों और मेकानाइज़्ड कॉलम्स की भरपूर सताइश की।

जनरल ऑफीसर कमांडिंग ( दिल्ली) लेफ़्टीनैंट जनरल स्रोतो मिश्रा ने इंतिहाई पाबंद डिसिप्लिन ख़ुशपोश और दीदा जे़ब फ़ौजी और पुलिस जत्थों की क़ियादत की और मुख़्तलिफ़ धुनों पर जत्थों ने पूरे फ़ख़र-ओ-इफ़्तिख़ार के साथ मार्च किया, जो बिलआख़िर राजपथ पहुंचा जहां सदर जम्हूरिया और मुसल्लह अफ़्वाज के सुप्रीम कमांडर प्रणब मुखर्जी ने सलामी ली। यौमे जम्हूरिया तक़ारीब के मेहमान ख़ुसूसी जापानी वज़ीर-ए-आज़म शेन्ज़ोवाएबे, नायब सदर जम्हूरिया हिंद हामिद अंसारी वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह यू पी ए की सदर नशीन सोनिया गांधी और मुल्क के सरकरदा सियासी क़ाइदीन और आला फ़ौजी ओहदेदारों के इलावा सिफ़ारती बिरादरी ने इस यादगार परेड का मुशाहिदा किया। सर्दी की शदीद लहर की परवाह किए बगै़र हज़ारों पुरजोश अफ़राद ये परेड देखने के लिए जमा हुए थे जो तारीख़ी मुग़ल यादगार लाल क़िलेेे पर इख़्तेताम पज़ीर हुई।

परेड के आग़ाज़ से चंद मिनट क़ब्ल वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह वज़ीर-ए-दिफ़ा ए के एन्टोनी और फ़ौजी बहरिया और फ़िज़ाईया के सरबराहान ने इंडिया गेट पर जंग यादगार अमर जवान ज्योति पर फूल निछावर करते हुए शहीदों को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया। वतन की सरहदों की हिफ़ाज़त के लिए क़ुर्बानी देने वाले उन शहीदों की याद में अमर जवान ज्योति पर हमेशा ज्योत जलती रहती है। यौमेे जम्हूरिया को किसी भी नागहानी वाक़िये से महफ़ूज़ रखने के लिए क़ौमी दार-उल-हकूमत में ज़मीन से आसमान तक एक मज़बूत सेक्योरिटी निज़ाम नाफ़िज़ किया गया था। परेड के रास्तों पर तमाम बुलंद इमारतों पर माहिर खु़फ़िया निशानेबाज़ तैनात किए गए थे। दिल्ली में 25000 सेक्यूरिटी अहलकार तैनात किए गये। इंडोनेशियन बॉर्डर पुलिस और दिल्ली पुलिस के कमांडोज़ दीगर अहम मुक़ामात पर सख़्त चौकसी इख़्तियार किए हुए थे। सदर जम्हूरिया प्रणब मुखर्जी ने पर्चमकुशाई की। क़ौमी तराने के बाद 21तोपों की रिवायती सलामी दी गई घुड़सवार बॉडी गार्ड के क़ाफ़िले के साथ सदर प्रणब मुखर्जी और जापानी वज़ीर-ए-आज़म शेन्ज़वाबे की राजपथ पर वाक़्य सलामी लेने के मुक़ाम पर आमद के कुछ देर बाद परेड शुरू हुई।

परेड के आग़ाज़ से क़ब्ल आंध्र प्रदेश के इंसिदाद नेक्सलाईटस फोर्सेस के सब इन्सपैक्टर अशोक बाबू को बाद अज़मर्ग अशोक चक्र अवार्ड दिया गया। अशोक चक्र हालाते अमन का आला तरीन बहादुर अवार्ड है। अशोक बाबू ने आंध्रा + छत्तीसगढ़ सरहद के क़रीब (आंध्रा प्रदेश के इंसिदाद नेक्सलाईटस यूनिट) गिरेहान्डस की एक टीम की क़ियादत की थी, जिसने माओनवाज़ों के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर मुहिम चलाई थी। उन की ख़िदमात के एतराफ़ के तौर पर ये अवार्ड दिया गया। हिंदुस्तानी फ़िज़ाईया से वाबस्ता जानबाज़ों के दमबख़ुद करदेने वाले करतब हिंदुस्तानी कसीर तहज़ीबी मुआशेरे में वहदत की झलक पेश करनेवाली दीदा जे़ब झांकियां रंग बिरंगे लिबास में मलबूस स्कूली बच्चों का रक़्स और दीगर प्रोग्राम्स हिंदुस्तान के 65वीं यौमे जम्हूरिया परेड में सब के मर्कज़े तवज्जो रहे। हिंदुस्तान के पहले देसी साख़्ता लड़ाकु तय्यारे तेजा इस साल की परेड की अहम ख़ुसूसीयत थे। तेजा इनसूपरसोनिक हमा मक़सदी जंगी तय्यारों का चौथा नमूना हैं, जो डी आर डी ओ की तरफ़ से बनाए गए हैं। पहली देसी साख़ता असल जंगी तोप अर्जुन। एम के II को भी नुमाइश के लिए पेश किया गया।

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