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ओडिशा में तूफ़ान से मुतास्सिरा झोंपड़ पट्टीयों में शमसी रोशनीयां

ओडिशा के समुंद्री तूफ़ान फैलिन के टकरा जाने के बाद से बर्क़ी रोशनी से महरूम साहिली क़स्बे के झोंपड़पटीयों में दिवाली शमसी रोशनियों के साथ मनाई गई। नीदरलैंड की एन जी ओ बर्नार्ड वान लेर फ़ा ने मुक़ामी तंज़ीम के तआवुन से झोंपड़पटीयों में

ओडिशा के समुंद्री तूफ़ान फैलिन के टकरा जाने के बाद से बर्क़ी रोशनी से महरूम साहिली क़स्बे के झोंपड़पटीयों में दिवाली शमसी रोशनियों के साथ मनाई गई। नीदरलैंड की एन जी ओ बर्नार्ड वान लेर फ़ा ने मुक़ामी तंज़ीम के तआवुन से झोंपड़पटीयों में राहत रसानी किट्स दिवाली से क़बल तक़सीम किए।

जिन में शमसी क़ंदीलें भी शामिल हैं। मुक़ामी एन जी ओ प्रेम के सदर जैकब तंडवेल ने कहा कि पाँच हज़ार पाँच सौ झोंपड़ पट्टी के साकिनों को 40 इलाक़ों में राहत रसानी किट्स तक़सीम किए गए हैं।

ये तक़सीम दिवाली से पहले अमल में आई ताकि ये लोग कम अज़ कम दिवाली का तहवार शमसी रोशनियों में मना सके। 163 झोंपड़ पट्टीयों के मुक़ीम कम अज़ कम 35 हज़ार अफ़राद समुंद्री तूफ़ान से मुतास्सिर हुए हैं।

भूबनेश्वर से मौसूला इत्तिला के बमूजब बर्क़ी तवानाई इनफ़र्स्ट्रक्चर को समुंद्री तूफ़ान से एक करोड रुपये मालियती नुक़्सान पहुंचा है।इबतिदाई मरहले में बर्क़ी तक़सीम का निज़ाम बरहम पुर छतरपूर और गोपालपुर में बहाल किया जाएगा।

ये प्रोजेक्टस‌ पाँच सौ करोड़ रुपये मालियती है और एक लाख सारिफ़ीन इस से इस्तिफ़ादा करसकेंगे। चीफ़ मिनिस्टर ओडिशा नवीन पटनायक और पी जी सी आई एल के सी एम डी आर ऐम नायक ने कहा कि आफ़ात समावी से महफ़ूज़ बर्क़ी निज़ाम क़ायम करने का मंसूबा बनाया गया है।

इस सिलसिले में कार्रवाई की रफ़्तार तेज़ की जाएगी। कई साहिली क़स्बे जैसे तोरी भूबनेश्वर कटक जगत सिंह पर केंद्रा पाड़ा पाराधी जॉर्ज पुर भद्रक और बलसोर वक़फ़ा वक़फ़ा से तूफ़ान का सामना करते रहते हैं और इन शहरों में आफ़ात समावी से महफ़ूज़ बर्क़ी निज़ाम सख़्त ज़रूरी है।

कोरापुट से मौसूला इत्तिला के बमूजब तूफ़ान फैलिन आने के छः माह बाद भी छोटी आबपाशी के हलक़ा जाती दफ़्तर से सुप्रिटे‍डेंट‌ इंजनीयर के सिवाए किसी रुकन आमिला का तक़र्रुर ज़िला कोरापुट के शहर जय पुर में किया गया है।

ये ज़िला चार क़बीलों की ग़ालिब आबादी का ज़िला है जहां के तरक़्क़ीयाती काम अमला की क़िल्लत की वजह से मुतास्सिर होरहे हैं।
ज़रूरी अफ़रादी ताक़त की अदमे मौजूदगी से कोरापुट मलकानगिरी नब रंग पर और राय गढ़ अज़ला में जहां कबायलियों की ग़ालिब आबादी है अरकान अमला की क़िल्लत से तरक़्क़ीयाती काम बुरी तरह मुतास्सिर हैं।

आबपाशी प्रोजे‍क्ट‌ पर अमल आवरी से पहले अहम काम जैसे डिज़ाइन और ड्राइंग तैयार करना तख़मीना करना और टेनडर का तरीका-ए-कार सर्किल ऑफ़िस में किया जाता है लेकिन यहां कोई सरकारी मुलाज़िम मौजूद नहीं है।

कार्यवाईयों में ताख़ीर हो रही है चुनांचे प्रोजेक्ट का बरवक़्त आग़ाज़ भी नामुमकिन है। चार अज़ला के आबपाशी प्रोजेक्टस‌ बरवक़्त शुरू नहीं किए जा सके।

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