Thursday , September 21 2017
Home / Bihar News / औरंगाबाद एसिड कांड: आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई सलमा, भाई के पास नहीं है शव को घर ले जाने तक का पैसा

औरंगाबाद एसिड कांड: आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई सलमा, भाई के पास नहीं है शव को घर ले जाने तक का पैसा

औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद में दर्दनाक एसिड हमले का शिकार सलमा नामक लड़की तीन महीने तक लड़ने के बाद अंत में शुक्रवार को जिंदगी की जंग हार गई और उसने अपोलो अस्पताल में दम तोड़ दिया। अब हालत यह है कि उसके परिवार के पास सलमा का शव घर ले जाने के लिए पैसे तक नहीं हैं।

Facebook पे हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करिये

सलमा के भाई मंजर के अनुसार अपोलो अस्पताल की कागजी कार्रवाई में शुक्रवार को पूरा दिन निकल गया, जिसकी वजह से उसकी बहन की लाश का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। अब वह पोस्टमार्टम के लिए आज इसे लेकर एम्स जाएगा। इसके बाद बिहार भवन के सामने प्रदर्शन करेगा। मंजर को उम्मीद है कि सरकार बहन के जीवित रहने के दौरान तो नहीं सुनी, लेकिन शायद अब उसके मरने के बाद उसकी सुन ले।
गौरतलब है कि पिछले तीन महीने से मंजर ने हर तरह से राजनीतिक नेता और प्रशासन से बात करने की कोशिश की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। मंजर ने कहा कि उसने बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार के नाम खुला पत्र भी लिखा था, तब भी कुछ नहीं हुआ।
उल्लेखनीय है कि औरंगाबाद के राजा नगर मोहल्ले की रहने वाली सलमा को एक अजहर नामक लड़का काफी दिनों से परेशान कर रहा था। 3 जून को ट्यूशन जाते समय अजहर नाम के लड़के ने पीड़ित लड़की का हाथ पकड़ लिया। ट्यूशन से लौट कर छात्रा ने इसकी सूचना अपने परिजनों को दी।
इसके बाद परिजनों ने इसकी शिकायत अजहर के घर वालों से की। शिकायत सुनने के बाद अजहर के परिजन इस पर किसी तरह की कार्रवाई करने के बजाय पीड़िता के घर पर आ गए और उसके परिजनों से मारपीट करने लगे। हालांकि दोनों परिवारों में तनाव बढ़ने के बाद आस पड़ोस के लोगों ने बीच में आकर मामला शांत किया।
मगर यह मामला नहीं खत्म हुआ, बल्कि 24 जून को जब लड़की अपने घर में बाहर वाले कमरे में सो रही थी, तो उसके घर में घुसकर उस पर तेजाब डाल दिया गया। लड़की गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिर वह तीन महीने तक जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ती रही और अंततः वे जीवन की लड़ाई हार गई।

TOPPOPULARRECENT