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..और मैं बेगुनाह हूं कहकर जल उठी पिंकी

कानपुर, 11 अप्रैल: मैं किसी को फोन नहीं करती, मैं बेगुनाह हूं..

कानपुर, 11 अप्रैल: मैं किसी को फोन नहीं करती, मैं बेगुनाह हूं.. गुस्से से भरी नौबस्ता की 14 साल की पिंकी के यह बोल आग की लपटों के बीच चीखों में बदल गए। शोहदों से तंग आकर नीलम, वंदना और हेमू की तरह उसने भी मौत की राह चुन ली। पिंकी ने यह भयानक कदम शोहदे की मां के घर आकर इसके किरदार पर उंगली उठाने के बाद उठाया। खुदकुशी की इस वाकिया से इलाके में सन्नाटा छा गया। मुल्ज़िम घर में ताले डालकर फरार हो गए।

बखतौरी पुरवा साकिन पल्लेदार जीत बहादुर के आठ बच्चों में छठे नंबर की 14 साल की पिंकी ने बुध के दिन शाम आग लगाकर खुदकुशी कर ली। वह पड़ोस में ही रहने वाले रवि नामी लड़के से छेड़छाड़ और फहश अलफाज़ भरे फोन करने से परेशान थी। रवि और उसके दोस्त उसे बीते कई माह से तंग कर रहे थे। वाकिया के वक्त रवि की मां बीना उसके घर में भाई शेरू और रवि के बीच हुए झगड़े पर उलाहना लेकर आई थीं।

इसी दौरान बीना का पिंकी की मां कांती देवी व 16 साला बड़ी बहन रूबी से झगड़ा हो गया। बीना ने गुस्से में पिंकी के चाल-चलन पर इल्ज़ाम लगाए। इससे मजरूह पिंकी ने पहले तो एहतिजाज किया, फिर बेइज्जती बर्दाश्त न कर पाने पर खुद को कमरे में बंद कर आग लगा ली।

पिंकी की चीखों व धुंए से कोहराम मच गया। आसपास के लोग लोहे का दरवाजा न तोड़ पाने की वजह से जब तक दीवार तोड़कर कमरे में पहुंचते उसकी सांसें थम चुकी थीं। इस वाकिया से बीना मौके से भाग निकलीं। घर वाले भी घर में ताला डालकर फरार हो गए। रवि के साथी भी गायब हैं।

नौबस्ता एसओ राकेश यादव ने मुतास्सिरा के घर वालो से पूछताछ की। उनके मुताबिक पुलिस मुल्ज़िमीन की तलाश में जुटी है।

मुतास्सिरा खानदान के मुताबिक बदनीयत रवि भाई शेरू से दोस्ती गांठने के बाद पिंकी को मोबाइल फोन कर दोस्ती करने के लिए तंग कर रहा था। जब पिंकी ने अनदेखा किया तो रवि ने उसका नाम इलाके के एक लड़के से जोड़कर बदनाम करने की कोशिश की। घर में आना-जाना बंद किए जाने पर रवि ने मोबाइल नंबर दोस्तों में बांट दिया। पिंकी के घर से बाहर निकलने पर वह गंदे / फहश इशारे करता था। एक बार चुनरी तक खींच ली थी। पिंकी की मां ने इस घटना पर रवि की शिकायत उसकी मां से की तो हंगामा हो गया। इस पर मोहल्ले वालों ने लोकलाज की दुहाई देकर दोनों को शांत करा दिया था।

—–बशुक्रिया: जागरण

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