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वक़्फ की ज़मीन हडपने वालों के मुंह पर कालिक पोत दी जाए: नजमा हेपतुल्ला

नई दिल्ली: केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री(Minority Affairs Minister) नजमा हेपतुल्ला ने एक सख्त संदेश देते हुए आज चेतावनी दी कि राज्य वक़्फ़ बोर्डस अगर अपने कर्तव्यों का पालन करने में नाकाम  हो जाएंगे तो वे अपने बोर्ड के विघटन की सिफारिश करेंगे। नजमा हेपतुल्ला ने भोपाल में वक्फ जायदादों पर कब्जा करने वाले कांग्रेस के एक एमएलए के मुंह पर कालिक‌ पोत देने की जोरो से वकालत की।

नजमा हेपतुल्ला ने विभिन्न राज्यों के वक्फ बोर्डस के सदर और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधियों को सुझाव दिया कि भोपाल में 500 करोड़ रुपये मालियती संपन्न जायदादों पर कथित कब्जा करने वाले एमएलए आरिफ अकील के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आयोजन करें।

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने इस बात पर सख्त नोट लिया कि विभिन्न राज्यों में बोर्ड के कुछ सदस्यों संपन्न जायदादों पर अवैध कब्जे किए हैं। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्य‌वाई करने की जोर वकालत की। उन्होंने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और असम वक़्फ़ बोर्डस के प्रतिनिधियों के इस सम्मेलन में गैर भागीदारी जताई और आरोप लगाया कि इन राज्यों के प्रतिनिधियों को अपनी बिरादरी से संबंधित मुद्दों की एकाग्रता से कोई दिलचस्पी नहीं है।

मेघालय के एक प्रतिनिधि के सवाल पर नजमा हेपतुल्ला ने कहा कि अगर कोई वक्फ बोर्ड अपने कर्तव्यों का पालन नहीं देता है तो उसके विघटन की सिफारिश करूंगी। (संबंधित) राज्य के मुख्यमंत्री को नए वक्फ बोर्ड का गठन करने की हिदायत दूंगी क्योंकि मौजूदा बोर्ड सही तरीके से काम नहीं कर रहा है।

बैठक के दौरान मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शौकत मोहम्मद खान ने इस बोर्ड के एक सदस्य और कांग्रेस के विधायक अकील पर आरोप लगाया कि उन्होंने 34 एकड़ संपत्ति ज़मीन‌ पर अवैध कब्जा किया है। शौकत खान ने दावा किया कि भोपाल की इस संपत्ति की कीमत 500 करोड़ रुपये है और मांग की कि एमएलए के खिलाफ कार्य‌वाई के लिए केंद्र पर जोर दिया जाए। नजमा हेपतुल्ला ने खान से कहा कि वह लिखित आवेदन दें ताकि वह इस समस्या को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का ध्यान आकर्षित करवाएं जाएगा।

नजमा हेपतुल्ला ने कहा कि मैं आपसे यह कहना है कि (ओक़ाफ़ी जायदादों पर अवैध कब्जे करने वालों के खिलाफ सौदा) विभिन्न तरीके हैं। इनमें एक कानूनी रास्ता और दूसरा गांधीवादी तरीका शामिल है।उन्होंने सवाल किया कि आप में से कितने लोग वहां गए थे और धरना दिया था? आप में से कितने लोगों ने एजी स्वच्छता की? यह हमारे समुदायों से संबंध रखते हैं। यह (संपत्तियां) हमारा धरोहर हैं। फिर इस व्यक्ति के अवैध कब्जों के खिलाफ आप जनता को प्रस्तुत क्यों नहीं किया? 500 करोड़ रुपये की ओक़ाफ़ी संपत्तियां हड़पने वाले के चेहरे पर कालिख पोत दी जानी चाहिए। नजमा हेपतुल्ला ने कहा कि देश में 6 लाख करोड़ एकड़ संपत्ति हैं जिनके प्रभावी उपयोग से अल्पसंख्यकों के विकास और समृद्धि के उपाय किए जा सकते हैं।

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