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कर्नाटक कांग्रेस की धोका देही के मुक़द्दमात की समाअत के लिए ख़ुसूसी अदालत का क़ियाम का एलान

बैंगलौर 12 फबरव‌री (पी टी आई) कांग्रेस ने आज कहा कि वो गै़रक़ानूनी कानकनी और बदउनवानी के मुक़द्दमात की समाअत के लिए कर्नाटक में एक ख़ुसूसी अदालत क़ायम करेगी बशर्तिके वो बरसर-ए-इक्तदार आजाए.

बैंगलौर 12 फबरव‌री (पी टी आई) कांग्रेस ने आज कहा कि वो गै़रक़ानूनी कानकनी और बदउनवानी के मुक़द्दमात की समाअत के लिए कर्नाटक में एक ख़ुसूसी अदालत क़ायम करेगी बशर्तिके वो बरसर-ए-इक्तदार आजाए. लीडर अप्पोज़ीशन कर्नाटक असैंबली सदा रामिया ने कहा कि गै़रक़ानूनी कानकनी के मुक़द्दमात की समाअत के लिए हम एक ख़ुसूसी अदालत क़ायम करेंगे ज़मीन के ग़ैर मरकोज़ेत और गै़रक़ानूनी कब्ज़ो के मुआमलात की समाअत होगी और ख़ातियों को सज़ा दी जाएगी।

उन्होंने गवर्नर के ख़िताब पर तहरीक तशक्कुर के दौरान बी जे पी हुकूमत की मुज़म्मत करते कहा कि बी जे पी ने रियासत के वक़ार खो दिया है। कर्नाटक में असैंबली इंतेख़ाबात माह मई में क़ायम है, सदा रामिया ने दावे किया कि उनकी पार्टी बरसर‍-ए‍-इख्तेदार आएगी।

वज़ीर-ए-आला जगदीश शीटर ने कांग्रेस पर तन्क़ीद करते हुए कहा कि अहम अप्पोज़ीशन पार्टी बरसर-ए‍इख्तेदार आने का दिन में ख़ाब देख रही है। उन्होंने कहा कि जब बजट साइज़ ज़्यादा हो जाती है, अवामी क़र्ज़ भी बढ़ जाता है तन्क़ीद का कोई मतलब नहीं है। 2007-2008 में माली ख़सारा कम हो गया था और कर्नाटक की माली ज़िम्मेदारी क़ानून के दायरे में था के मुक़र्ररा हदफ़ तेरखवे फ़ैनान‌स कमीशन के मुक़र्ररा मियार के मुताबिक़ थे लेकिन सदा रामिया ने निशानदेही की है कि जी एस डी पी की तरक़्क़ी की शरह 2004-2005 में 10 फ़ीसद थी जब कि जारिया माली साल के 5.9 फ़ीसद होने का इमकान ज़ाहिर किया गया है।

उन्होंने कहा कि आप ये कैसे कह सकते हैं कि रियासत की इक़तिसादी हालत अच्छी है. जी डी ऐस और कांग्रेस के मुतालिबात का मक़सद हुकूमत पर दबाओ डालना है ताकि वो गुनह किसानों की फ़सल ख़राब होने का मुआवज़ा अदा करें।

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