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कर्नाटक के इंजीनीयरिंग कॉलेजों में हज़ारों नशिस्तें ख़ाली

पिछ्ले चंद बरसों की तरह इस साल भी रियासत के इंजीनीयरिंग कॉलेजों में हज़ारों नशिस्तें ख़ाली पड़ी हुई हैं, उस को पूछने वाला कोई नहीं है। साल पिछ्ले के मुक़ाबले इस साल 50 नशिस्तें कम करदी गई थीं।

पिछ्ले चंद बरसों की तरह इस साल भी रियासत के इंजीनीयरिंग कॉलेजों में हज़ारों नशिस्तें ख़ाली पड़ी हुई हैं, उस को पूछने वाला कोई नहीं है। साल पिछ्ले के मुक़ाबले इस साल 50 नशिस्तें कम करदी गई थीं।

जिस की वजह से साल पिछ्ले भी तक़रीबन 12 हज़ार नशिस्तों में भर्ती नहीं हुई थी। 2014-15 के तालीमी साल में 12 सरकारी एडेड कॉलेजस समेत रियासत के जुमला 202 इंजीनीयरिंग कॉलेजों में दस्तयाब 48,016 सी ई टी सीटों के साथ ख़ानगी कॉलेजों में 10032 ख़ाली नशिस्तें कॉलेज के इंतेज़ामीया ने हुकूमत को वापिस करदी थी।

इस से जुमला 58,048 सीटें सरकारी सीटों में तबदील करके सी ई टी में मुख़्तलिफ़ रैंक हासिल करने वाले तलबा में तक़सीम करदी गई थीं। कर्नाटक एग्जामिनेशन अथॉरीटी को 2014 की रिपोर्ट के मुताबिक़ जुमला 58,048 सी ई टी सीटों में से 51,873 सीटें भर्ती की गई हैं। बाक़ी 6,175 नशिस्तें अब भी ख़ाली पड़ी हुई हैं। बाक़ी सीटों के कम होने की वजह ये हैके ई सी टी ने साल 2014-15 में तक़रीबन सात कॉलेजों की उस की तरफ से मंज़ूरी नहीं मिली थी, जिस के सबब उन कॉलेजों से हुकूमत को वापिस की जाने वाली हज़ारों सीटें कम होगई हैं। इस के साथ साथ इस साल पाँच नए कॉलेजस क़ायम किए जाने थे। लेकिन पिछ्ले साल एक भी कॉलेज क़ायम नहीं हुआ।

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