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कश्मीर की आजादी के लिए नारे लगाना गलत नहीं: JNU प्रोफेसर निवेदिता मेनन

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नई दिल्ली।जेएनयू की एक प्रोफेसर का विवादास्पद विडियो सामने आया है। दरअसल विडियो में प्रफेसर निवेदिता मेनन, जेएनयू के छात्रों के एक समूह को सम्बोधित करते हुए पूर्व में छात्रों द्वारा लगाए गए कश्मीर की आजादी के नारों का समर्थन करती नजर आ रही हैं। विडियो 22 फरवरी का है। मेनन का कहना है कि कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है और सभी इस बात को मानते हैं इसलिए कश्मीर की आजादी के लिए नारे लगाना गलत नहीं था।

पिछले महीने जेएनयू में एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने राष्ट्र-विरोधी नारे लगाए थे, जिनमें कश्मीर की आजादी की मांग करने वाले नारे भी शामिल थे। घटना के बाद तीन छात्रों को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। विडियो में प्रफेसर का कहना है कि विदेशी पब्लिकेशन्स जैसे ‘टाइम’ और ‘न्यूजवीक’ में कश्मीर का अलग ही नक्शा दिखाया जाता रहा है। उनके मुताबिक पूरा विश्व मानता है कि कश्मीर पर भारत का कब्जा वैध नहीं है इसलिए कश्मीर की आजादी के नारे लगाना भी गलत नहीं था।मेनन इंटरनैशनल रिलेशन्स विभाग में तुलनात्मक राजनीति और राजनीतिक सिद्धांतों के सेंटर में पढ़ाती हैं। यह विडियो 27 फरवरी को यूट्यूब पर अपलोड हुआ था।

बीजेपी की स्टूडेन्ट विंग एबीवीपी ने मेनन के बयान की आलोचना की है। उन्होंने मेनन से बयान पर माफी मांगने के लिए कहा है। एबीवीपी ने जेएनयूएसयू में एक रेजॉल्यूशन लाने की भी अपील की, जिसमें ऐसे बयानों का विरोध हो। एबीवीपी रेजॉल्यूशन के पक्ष में वोट करने को भी तैयार है।जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया को पिछले महीने राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बीजेपी की विचारधारा का समर्थन न करने वाली पार्टियों की तरफ से कन्हैया की गिरफ्तारी की जमकर आलोचना हुई थी।

Source-NBT

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