Thursday , June 29 2017
Home / Kashmir / कश्मीर में मुसलमान अल्पसंख्यक हैं या बहुसंख्यक, केंद्र या राज्य सरकार तय करे: सुप्रीम कोर्ट

कश्मीर में मुसलमान अल्पसंख्यक हैं या बहुसंख्यक, केंद्र या राज्य सरकार तय करे: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और जम्मू कश्मीर सरकार से कहा है कि वह राज्य के मुसलमानों को अल्पसंख्यक स्वीकार करने या न करने के मामले में मिल बैठकर निर्णय लें। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में अल्पसंख्यक हिंदुओं को भी प्रधानमंत्री के नाम से जारी योजनाओं और सरकारी योजनाओं के तहत सुविधाएं देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा है।

Facebook पे हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करिये

शीर्ष अदालत ने कहा है कि केंद्र और जम्मू कश्मीर सरकार आपस में मिल बैठकर यह तय करें कि जम्मू-कश्मीर में मुस्लिम अल्पसंख्यक हैं या बहुसंख्यक?

न्यूज़ नेटवर्क समूह न्यूज़ 18 के मुताबिक़ अदालत ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि अल्पसंख्यकों के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बहुल मुसलमानों को मिलना चाहिए या नहीं। कोर्ट ने सरकार से इस मामले में चार सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है। इससे पहले अदालत ने आवेदन पर नोटिस जारी करके केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया था।

अंकुर शर्मा के आवेदन में कहा गया है कि राज्य में हिंदू अल्पसंख्यक हैं और मुस्लिम बहुसंख्यक । इसके बावजूद राज्य में 68 प्रतिशत मुसलमानों को ही अल्पसंख्यकों का लाभ मिल रहा है, जबकि सही यह है कि हिंदुओं को यह सुविधा मिलनी चाहिए।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि पिछले 50 साल से राज्य में अल्पसंख्यकों की जनगणना नहीं हुई है और न ही अल्पसंख्यक आयोग का गठन हुआ है इसलिए अल्पसंख्यक आयोग भी बनाया जाए।

Top Stories

TOPPOPULARRECENT