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कांग्रेस अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का माइनॉरिटी दर्जा खत्म नहीं होने देगी- दिग्विजय सिंह

नई दिल्ली।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार(22 अक्टूबर) को कहा कांग्रेस अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का माइनॉरिटी दर्जा बचाने के लिए पूरा जोर लगा देगी लेकिन मोदी सरकार को ऐसा नहीं करने देगी। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संस्थापक सर सैयद अहमद खां की 199वीं जयंती के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में सिंह ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह एक समुदाय विशेष को निशाना बनाने के लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है।अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैय्यद साहब का 199वां जन्मदिन के उपलक्ष्य में शाहिन बाग में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें कांग्रेस के दिग्विजय सिंह, शहजाद पूनेवाला और संदीप दीक्षित आये हुए थे।

दिग्विजय सिंह ने इस मौके पर कहा मौजूदा केंद्र सरकार साजिशन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा हटाना चाहती है। जिसका पुरजोर तरीके से विरोध किया जायेगा और किसी भी कीमत पर मोदी सरकार की इस साजिश को सफल नहीं होने देगी। तीन तलाक के मुद्दे पर सिंह ने कहा कि सरकार को मुसलमानों के पर्सनल लॉ में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है, लेकिन समुदाय के लोगों को बातचीत के जरिए महिलाओं के अधिकार सुनिश्चित करने चाहिए।

वहीं कांग्रेस के युवा नेता शहजाद पूनेवाला ने अपनी बात रखते हुए कहा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का अल्पसंख्यक किरदार बरकरार रहना चाहिए, कांग्रेस पहले भी इस यूनिवर्सिटी के माइनॉरिटी दर्जा को कायम रखने के लिए लड़ी है, कल भी लड़ेगी। उन्होंने कहा जब अजित बाशा केस की वजह से एएमयू का माइनॉरिटी किरदार छिन लिया गया था तब इंदिरा गांधी की सरकार ने 1981 में एक्ट बनाकर एएमयू अल्पसंख्यक किरदार को बरकरार रखा था।1981 एक्ट अभी भी कायम है। जिसमें कहा गया है अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी मतलब भारत के मुसलमानों द्वारा स्थापित किया गया उनकी पसंद का शैक्षिक संस्थान है । वाजपेयी सरकार, यूपीए 1 और यूपीए 2 के वक्त भी इसी कानून के तहत सरकारों नें स्टैंड लिया। लेकिन मोदी सरकार मुस्लिम विरोधी मानसिकता की वजह अपनी पार्टी के रुख के खिलाफ जा कर एएमयू के अल्पसंख्यक दर्जा खत्म करने की कोशिश कर रही है। शहज़ाद ने सवाल किया क्या पार्टी के बदल जाने से सरकार का स्टैंड बदल जाता है ?

मोदी सरकार के एएमयू पर सौतेले व्यवहार का जिक्र करते हुए शहजाद ने कहा सरकार एएमयू के पांच ब्रांचो के लिए फंड जारी करने पर अडंगा लगा रही है। जब इस सिलसिले एएमयू के वीसी ने स्मृति ईरानी से मुलाकात की तो उनको अपमानित किया गया। एएमयू को लेकर मंशा सही नहीं है। संघ हर उस यूनिवर्सिटी को टॉरगेट कर रहा है जहां देश के गरीब, अल्पसंख्यक और दलित पढ़ते हैं। सर सैयद अहमद खान एक रिफोर्मिस्ट थे और उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए। कांग्रेस पार्टी उनके 200 वे जन्मदिन पर इसकी मांग करेगी।

क्या है विवाद

आपको बता दे 2006 में यूपीए सरकार ने एएमयू से अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा छीन लेने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक अपील दायर की थी। पिछली केंद्र सरकार द्वारा 2006 में दायर की गई इस अपील को मोदी सरकार अब वापस लेना चाहती है इसीलिए उसने कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है।

आम तौर पर किसी एक सरकार के फैसले को अगली सरकार भी बरकरार रखती है. इसीलिए भाजपा सरकार द्वारा अपील वापस लेने पर न्यायालय ने भी मुकुल रोहतगी से सवाल किया था कि क्या यह सिर्फ इसलिए किया जा रहा है क्योंकि केंद्र में सरकार अब बदल चुकी है।

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