Wednesday , October 18 2017
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कांग्रेस क़ाइदीन की आपस में रसा-कशी ,सूरत-ए-हाल से सोनीया गांधी नाराज़

रियासत में कांग्रेस पार्टी की मौजूदा कमज़ोर सूरत-ए-हाल के लिए कौन ज़िम्मेदार हैं ?

रियासत में कांग्रेस पार्टी की मौजूदा कमज़ोर सूरत-ए-हाल के लिए कौन ज़िम्मेदार हैं ? इस सवाल का जवाब तलाश करें तो पार्टी के सीनीयर क़ाइदीन और अहम ओहदों पर फ़ाइज़ अफ़राद ही इस के ज़िम्मेदार नज़र आयेंगे । ऐसे वक़्त जबकि अपोज़ीशन जमातें अवामी मसाइल (समस्याओं ) पर हुकूमत को घेरने की कोशिश कर रही हैं और वक़तन – फ़वक़तन (बार-बार) हुकूमत पर हमले किए जा रहे हैं पार्टी के अहम क़ाइदीन इन हमलों का मुत्तहदा तौर पर मुक़ाबला करने के बजाय आपस में दस्त-ओ-गरीबां (लड़ रहे) हैं और एक दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं ।

क़ाइदीन अपनी कुर्सी बचाने के लिए और दूसरे को कुर्सी से बेदख़ल करने नई दिल्ली में हाईकमान के पास मुहिम चला रहे हैं।

पार्टी के बावसूक़ ज़राए ने बताया कि आंधरा प्रदेश की मौजूदा सूरत-ए-हाल से सोनीया गांधी ख़ुश नहीं हैं और उन्हों ने क़ाइदीन की शिकायत लेकर आने वाले अफ़राद से कहा कि पहले पार्टी को मुस्तहकम करने पर तवज्जा दें । जब तक क़ाइदीन में इत्तिहाद नहीं होगा उस वक़्त तक अपोज़ीशन के हमलों का मुक़ाबला नहीं किया जा सकता । आला कमान का ये एहसास है कि अगर यही सूरत-ए-हाल रही तो 2014 के इंतिख़ाबात में पार्टी का दुबारा बरसर इक़तिदार आना मुश्किल में पड़ सकता है ।

रियासत के मौजूदा क़ाइदीन में कांग्रेस आला कमान के पास चिरंजीवी ने सब से ज़्यादा क़ुरबत इख़तियार करली है और उन्हों ने पार्टी क़ियादत को क़ाइदीन के आपसी इख़तिलाफ़ात खत्म करने के सिलसिला में अपनी तजावीज़ पेश की हैं । चिरंजीवी ने हाईकमान पर वाज़िह किया कि जब तक क़ाइदीन 2004 की तरह मुत्तहिद नहीं होंगे उस वक़्त तक पार्टी का दुबारा इक़तिदार में आना मुम्किन नहीं होगा ।

इन हालात में कांग्रेस आला कमान ने जनरल सैक्रेटरी ए आई सी सी राहुल गांधी को आंधरा प्रदेश उमूर का जायज़ा लेने की ज़िम्मेदारी दी है । राहुल गांधी ने हक़ीक़ी सूरत-ए-हाल से वाक़फ़ीयत के लिए आंधरा प्रदेश के ग़ैर जानिबदार समझे जाने वाले क़ाइदीन को दिल्ली तलब करते हुए उन से हक़ीक़ी सूरत-ए-हाल के बारे में रिपोर्ट तलब की है। बताया जाता है कि इन क़ाइदीन ने हाईकमान को बताया कि पार्टी के इस्तिहकाम (मजबूती) से ज़्यादा आला क़ाइदीन को अपने इन्फ़िरादी (खुद की) एजंडा की फ़िक्र है ।

चीफ़ मिनिस्टर और सदर प्रदेश कांग्रेस में इख़तिलाफ़ात पार्टी के लिए नुक़्सानदेह हैं । अपने को बचाने के लिए आला क़ाइदीन बार बार दिल्ली का दौरा कर रहे हैं जिस के बाइस (वजह से) अपोज़ीशन को हुकूमत पर तन्क़ीद का और भी मौक़ा मिल रहा है। हाल ही में डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर दामोदर राज नरसिम्हा ने नई दिल्ली का दौरा करते हुए पार्टी क़ाइदीन से मुलाक़ात की ।

बज़ाहिर इन का एजंडा रियासत में एस सी ,एस टी सब प्लान की मंज़ूरी था लेकिन बताया जाता है कि हक़ीक़ी एजंडा कुछ और ही था । इन का शुमार भी चीफ़ मिनिस्टर के मुख़ालिफ़ क़ाइदीन में होता है । उन के दिल्ली पहुंचते ही चीफ़ मिनिस्टर का मुख़ालिफ़ कैंप मुतहर्रिक हो गया था।

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